झुंझुनूं कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने कहा कि स्कूल वैन और स्कूल बसों के ड्राइवरों की आंखों की जांच अभियान चलाकर नियमित कराई जाए। उन्होंने साथ ही सड़क हादसों को देखते हुए ई-डार ऐप अपडेट करते रहने के निर्देश दिए। कलेक्टर गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में बोल रहे थे। जिले में यातायात व्यवस्था को सुधारने और सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं पर गहन मंथन किया गया है। बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि बैठक के दौरान जिला कलेक्टर ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूल वैन और बस की नियमित तकनीकी जांच हो। शिक्षा और चिकित्सा विभाग कोर्डिनेट कर विशेष अभियान चलाएं, जिसके तहत स्कूल वैन के ड्राइवरों की आंखें चेक की जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई ड्राइवर आंखों की बीमारी के साथ तो वाहन नहीं चला रहा है। तकनीकी निगरानी और डेटा प्रबंधन सड़क दुर्घटनाओं के सटीक विश्लेषण के लिए कलेक्टर ने पुलिस विभाग को eDAR (इलेक्ट्रॉनिक डीटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट) एप्लीकेशन के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में होने वाली प्रत्येक सड़क दुर्घटना की जानकारी इस पोर्टल पर तत्काल अपडेट की जाए, ताकि दुर्घटना के कारणों का डेटा विश्लेषण कर ‘ब्लैक स्पॉट्स’ को चिन्हित किया जा सके। पार्किंग स्थलों की पहचान को लेकर उन्होंने कहा- शहर के व्यस्ततम इलाकों में उपयुक्त पार्किंग स्थलों को चिन्हित किया जाए ताकि सड़कों पर बेतरतीब खड़े वाहनों से निजात मिले। साथ ही कहा कि मुख्य सड़कों और फुटपाथों पर होने वाले स्थायी व अस्थायी अतिक्रमण को नियमित रूप से हटाने की कार्रवाई की जाए।


