झुंझुनूं के लोगों से पूछेंगे बाजरा खाते हो या गेहूं:जनगणना में पूछे जाएंगे 33 तरह के सवाल, अधिकारियों की ट्रेनिंग शुरू

झुंझुनूं में जनगणना को लेकर 16 मई से पहला फेज शुरू हो जाएगा। इस जनगणना में जिले के लोगों से उनके खाने से लेकर ​उनके घर में रेडियो है या नहीं या फिर कितने स्मार्ट फोन है, इसकी जानकारी ली जाएगी। इसके साथ ही खाने में बाजारा या गेहूं में से क्या खात है और घर किससे बना हुआ ये तक पूछा जाएगा। पहले फेज में 33 सवाल जिले की जनता सू पूछे जाएंगे। इसके लिए जिला स्तर पर जनगण्ना में शामिल अधिकारियों की ट्रेनिंग शुरू कर दी है। इस अभियान के लिए मास्टर ट्रेनर आर फील्ड ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। ताकि गलती की गुंजाइश न रहे। 33 सवाल पूछेंगे जनगणना के दौरान प्रगणक (Enumerator) ल 33 प्रश्न पूछेंगे। इन सवालों का मकसद देश के बदलते जीवन स्तर (Standard of Living) का सटीक आकलन करना है। मुख्य सवाल कुछ इस प्रकार होंगे। भवन और आवास: घर की छत और दीवारें किस सामग्री से बनी हैं? मकान आपका अपना है या किराए का? घर में कुल कितने कमरे हैं? परिवार का ढांचा: परिवार का मुखिया कौन है? घर में कुल सदस्य और विवाहित जोड़ों की संख्या कितनी है? बुनियादी सुविधाएं: पीने के पानी और रोशनी का स्रोत क्या है? क्या घर के भीतर शौचालय और बाथरूम की सुविधा उपलब्ध है? रसोई और खान-पान: क्या आपके पास एलपीजी कनेक्शन है? खाना पकाने के लिए मुख्य ईंधन (लकड़ी, उपले या गैस) क्या है? आप मुख्य रूप से कौन सा अनाज (गेहूं, बाजरा, मक्का आदि) खाते हैं? डिजिटल और गैजेट्स: घर में रेडियो, टीवी और इंटरनेट की उपलब्धता है क्या? आपके पास कितने लैपटॉप, कंप्यूटर या स्मार्टफोन हैं? परिवहन: आवाजाही के लिए आपके पास कितने और कौन से वाहन (साइकिल, बाइक या कार) हैं? जनगणना की प्रक्रिया को दो मुख्य चरणों में पूरा किया जाएगा स्व-गणना (Self-Enumeration): 1 मई से 15 मई तक आम जनता को स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करने का अवसर मिलेगा। मकान सूचीकरण (House Listing): 1 मई से 14 जून तक मकानों की नंबरिंग और सूचीकरण का कार्य चलेगा। फील्ड वर्क: 16 मई से 14 जून तक प्रगणक उन घरों में जाएंगे जिन्होंने स्व-गणना नहीं की है या जिनके डेटा का सत्यापन जरूरी है। यह जनगणना भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर को पेश करेगी। ‘बाजरा बनाम गेहूं’ जैसे सवाल मोटे अनाज (Millets) के उपभोग और पोषण स्तर को समझने में मदद करेंगे। वहीं, इंटरनेट और लैपटॉप से जुड़े सवाल ‘डिजिटल इंडिया’ की जमीनी हकीकत बयां करेंगे।

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