झुंझुनूं में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। झुंझुनूं सहित आसपास के इलाकों में उत्तरी बर्फीली हवाओं के चलते ठिठुरन बढ़ गई है। आलम यह है कि सूरज की तपिश बेअसर साबित हो रही है और लोग दिन भर गर्म कपड़ों और अलाव के सहारे वक्त गुजार रहे हैं। सुबह और देर रात सवःघना कोहरा छाए रहने के कारण दृश्यता (Visibility) बेहद कम रह गई है। हाईवे पर चलने वाले वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लाइटें जलाकर भी रास्ता साफ नहीं दिख रहा, जिससे यातायात की गति धीमी हो गई है। पिलानी रहा सबसे ठंडा, रिकॉर्ड गिरावट दर्ज मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार झुंझुनूं का पिलानी क्षेत्र सबसे ठंडा दर्ज किया गया है। न्यूनतम तापमान 7.1 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़का। अधिकतम तापमान 16 से 16.7 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। तापमान में आई इस भारी गिरावट ने झुंझुनूं को ‘कोल्ड डे’ की स्थिति पैदा कर दी। मौसम विभाग की चेतावनी: दो दिन ‘कोल्ड डे’ और फिर ‘शीतलहर’ मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, आगामी दो दिनों तक झुंझुनूं और आसपास के क्षेत्रों में घने कोहरे और कोल्ड डे का अलर्ट रहेगा। वहीं, 8 और 9 जनवरी को लेकर विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें तीव्र शीतलहर चलने की संभावना जताई गई है। इससे पारा और अधिक गिरने के आसार हैं। स्कूलों की छुट्टियों पर टिकी निगाहें शीतकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद आज यानी 6 जनवरी से स्कूलों में रौनक लौटनी थी। हालांकि, पड़ोसी जिलों जैसे चूरू और सीकर में भीषण ठंड को देखते हुए जिला कलेक्टरों ने छुट्टियां बढ़ा दी हैं। अभिभावकों और बच्चों में इस बात को लेकर चर्चा है कि क्या झुंझुनूं में भी शीतकालीन अवकाश को आगे बढ़ाया जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि बढ़ती ठंड और कोल्ड डे को देखते हुए जल्द ही स्कूलों के समय में परिवर्तन या छुट्टियों की घोषणा हो सकती है।


