झुंझुनूं-राजगढ़ स्टेट हाईवे पर टोल वसूली शुरू होते ही 50 गांव के लोग एकजुट होकर विरोध में उतर आए हैं। शनिवार को धनुरी स्थित टोल प्लाजा पर ग्रामीणों के धरने का दूसरा दिन रहा। आंदोलनकारियों ने कहा- जब तक हमारी 6 मांगें पूरी नहीं होंगी, हम पीछे नहीं हटेंगे। चाहे आर-पार की लड़ाई लड़नी पड़े। रातभर धरना स्थल पर रहे धनूरी टोल प्लाजा पर जुटे ग्रामीण धरना स्थल पर ही खाना खा रहे हैं। शुक्रवार की रात भी उन्होंने यहीं गुजारी। धरने में बुजुर्ग-युवा शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया- प्रशासन और ठेकेदार मनमाने तरीके से टोल वसूलना चाहते हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह आंदोलन अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव अरविंद गढ़वाल और किसान नेता रमेश राहड़ के नेतृत्व में चल रहा है। ग्रामीणों की मांगें ग्रामीणों ने प्रबंधन को जो ज्ञापन सौंपा है, उसमें टोल नियमों के उल्लंघन और स्थानीय हितों की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों की मुख्य मांगें ये हैं- जब तक समाधान नहीं, तब तक घर वापसी नहीं किसान नेता अरविंद गढ़वाल ने कहा- टोल प्रबंधन नियमों की धज्जियां उड़ाकर आम जनता की जेब पर डाका डाल रहा है। रमेश राहड़ ने कहा- प्रबंधन ने कोई ठोस निर्णय नहीं लिया। अब यह लड़ाई आर-पार की है। धरना स्थल पर ही ग्रामीणों के लिए खाने-पीने का इंतजाम किया गया है। ये प्रमुख लोग रहे मौजूद आंदोलन में अजीत सिंह, महेन्द्र बाबल, तौफीक, विजय खालिया, देवकीनंदन बसेरा, जयपाल महला, शीशराम सरावग, महिपाल पूनिया, नरेश राहड़, दिनेश, शाहिद खान, जगमाल, न्यूम भाटी, अनीश, साहिन, सुमित बलौदा, राजवीर खीचड़, अलीमुद्दीन, विकास महला, अनूप कटारिया, अरुण कालेर, सुरेंद्र सिलाएच, संदीप रेवाड़ और सद्दाम सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और युवा मौजूद रहे।


