झुंझुनूं में 16-साल से हज-यात्रियों की सेवा कर रहे सुभाष:फॉर्म से फ्लाइट तक निभाते हैं जिम्मेदारी, अब तक 2300 हाजियों की कर चुके मदद

झुंझुनूं के मणि विहार निवासी सुभाष चंद्र वर्मा पिछले 16 साल से हज यात्रियों की मदद कर रहे हैं। साल 2008 से वे हज फॉर्म भरने, डाक्यूमेंट्स जांच, टीकाकरण और फ्लाइट से जुड़ी जानकारी तक यात्रियों का साथ निभा रहे हैं। अब तक करीब 2300 हाजियों की सेवा कर चुके सुभाष वर्मा इस काम को अपनी राष्ट्र सेवा मानते हैं। 2008 से शुरू हुआ सेवा का सफर सुभाष चंद्र वर्मा ने हज यात्रियों की सेवा का काम साल 2008 में शुरू किया था। उन्हें इस सेवा की प्रेरणा अपने गुरु अब्दुल रसीद खोखर, सीकर से मिली। उनकी लगन को देखते हुए इमाम रब्बानी स्कूल मैनेजमेंट ने हज सेवा हेल्पलाइन की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी। यहीं से यह काम उनके जीवन का अहम हिस्सा बन गया। फॉर्म से लेकर फ्लाइट तक निभाते हैं जिम्मेदारी सुभाष चंद्र वर्मा सिर्फ फॉर्म भरने तक सीमित नहीं रहते। वे हज के नियमों को समझने के लिए खुद किताबों का अध्ययन करते हैं ताकि यात्रियों को सही जानकारी दी जा सके। हज यात्रा से पहले लगने वाले टीकाकरण कैंप में भी वे सक्रिय रहते हैं। यात्रियों की अंतिम फ्लाइट तक हर जरूरी सूचना वे खुद यात्रियों तक पहुंचाते हैं। अब तक 2300 हाजियों की कर चुके मदद पिछले 16 साल में सुभाष चंद्र वर्मा करीब 2300 हाजियों के फॉर्म भरवा चुके हैं। वे हर साल हज कैंप लगवाने में सहयोग करते हैं और डाक्यूमेंट्स चेक करने की जिम्मेदारी भी निभाते हैं। उनकी मदद से कई हज यात्रियों की प्रक्रिया आसान हुई है। रिकॉर्ड रखकर संपर्क में रहते हैं हाजी सुभाष चंद्र वर्मा जिन हाजियों की मदद करते हैं, उनकी पूरी लिस्ट अपने पास रखते हैं। वे समय-समय पर उनसे संपर्क भी बनाए रखते हैं। आज भी वे खुद शिविरों में पहुंचकर व्यवस्थाएं संभालते हैं। उनके लिए यह काम अब जिम्मेदारी नहीं, बल्कि दिल से की जाने वाली सेवा बन चुका है। हाजियों की सेवा को मानते हैं राष्ट्र सेवा सुभाष चंद्र वर्मा का कहना है कि हज एक पवित्र इबादत है। जब देश के नागरिक दूसरे देश में इबादत के लिए जाते हैं, तो उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो, यही उनकी सोच है। वे कहते हैं कि हज यात्रियों की सेवा करना ही उनके लिए सच्ची राष्ट्रभक्ति है।

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