जिले के सबसे बड़े राजकीय बीडीके अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में चल रहा विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. राकेश साबू के कथित तानाशाही रवैये के खिलाफ अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ (अरिसदा) का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को लगातार 13वें दिन भी जारी रहा। जिले भर के 175 संस्थानों के लगभग 400 चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया और प्राचार्य के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 6 माह में 6 डॉक्टरों की बर्खास्तगी बनी विवाद विरोध का मुख्य कारण पिछले छह महीनों के भीतर छह सेवारत चिकित्सकों को पदमुक्त (बर्खास्त) किया जाना है। अरिसदा अध्यक्ष डा. एस. ए. जब्बार ने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि प्राचार्य डॉ. राकेश साबू ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर और नियमों को ताक पर रखकर चिकित्सकों को बर्खास्त किया है। उन्होंने इसे चिकित्सा जगत के लिए ‘काला अध्याय’ बताते हुए कहा कि इस तानाशाही रवैये से पूरा चिकित्सक वर्ग आहत और अपमानित महसूस कर रहा है। मरीजों के हित में जारी है कार्य, पर धैर्य की परीक्षा न लें: अरिसदा है। अरिसदा महासचिव डा. राजेन्द्र ढाका ने स्पष्ट किया कि मरीजों को कुछ भी असुविधा न हो, इसलिए हमने अभी कार्य बहिष्कार को स्थगित रखा है। हम काली पट्टी बांधकर निरंतर सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन यदि हमारी मांगें नहीं मानी गईं और प्राचार्य के रवैये में सुधार नहीं हुआ, तो हमें मजबूरन पूर्ण कार्य बहिष्कार की ओर कदम बढ़ाना पड़ेगा। अरिसदा उपाध्यक्ष डा. सिद्धार्थ शर्मा ने चिंता जताते हुए कहा कि बिना नियमों के चिकित्सकों को हटाने से मेडिकल कॉलेज में निःशुल्क शिक्षण कार्य बाधित हो रहा है। इससे न केवल कार्यरत डॉक्टर अपमानित हो रहे हैं, बल्कि मेडिकल विद्यार्थियों का भविष्य भी अंधकारमय होता जा रहा है। प्रदेशभर से मिल रहा है समर्थन यह आंदोलन अब केवल झुंझुनूं तक सीमित नहीं रहा है। डॉ. जब्बार के अनुसार, जिले के चिकित्सकों की एकजुटता को देखते हुए अन्य जिलों से भी निरंतर समर्थन प्राप्त हो रहा है। विरोध प्रदर्शन में डॉ. श्रीराम दुलड़, डॉ. सुमन भालोठिया, डॉ. शीशराम गोठवाल, डॉ. पुष्पा रावत सहित भारी संख्या में पुरुष एवं महिला चिकित्सक शामिल रहे। प्रदर्शन में शामिल प्रमुख चिकित्सक प्रदर्शन में मुख्य रूप से डॉ. राजेन्द्र पायल, डॉ. जगदेव सिंह, डॉ. मधु तंवर, डॉ. आकांक्षा, डॉ. मनीषा चौधरी, डॉ. संजय ऐचरा, डॉ. दीपक देवठिया, डॉ. सपना झाझड़िया, डॉ. राहुल सोनी, डॉ. गौरव बूरी, डॉ. ईकराज अहमद, डॉ. दुष्यंत बसेरा, डॉ. प्रियंका कस्वा, डॉ. सुरेश मील, डॉ. नेमीचंद, डॉ. संदीप नेमीवाल, डॉ. प्रमोद तेतरवाल, डॉ. प्यारेलाल भालोठियां, डॉ. अरविंद जाखड़, डॉ. सारिका मोदी, डॉ. नवीन, डॉ. कपूर थालौर और डॉ. पूनम चौधरी सहित कई अन्य डॉक्टर उपस्थित रहे।


