टंट्या भील के गांव जाने वाला रास्ता अधूरा:पंधाना विधायक की शिकायत पर सड़क निर्माण कंपनी का ठेका निरस्त

जननायक टंट्या भील के पैतृक गांव जाने वाला मार्ग अब भी खस्ताहाल हैं। कभी इस सड़क के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के काफिले को काले झंडे दिखाए गए थे। सरकार ने सड़क का चौड़ीकरण करके निर्माण भी शुरू करा दिया लेकिन दो साल के भीतर 10 फीसदी निर्माण भी नहीं हो पाया। मामले में पंधाना विधायक छाया मोरे की शिकायत पर पीडब्ल्यूडी विभाग ने ठेका निरस्त कर दिया है। पंधाना-घाटाखेड़ी-कालंका रोड व्हाया बड़ौदा अहीर का काम तय समय 16 माह में लगभग 10 फीसदी ही हो पाया है। विभाग ने कंपनी को 3.50 करोड़ रुपए का भुगतान भी कर दिया है। अब इस रोड का ठेका पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री ने निरस्त कर दिया। ईई हृदेश आर्य ने बताया कि ठेकेदार पर आगामी कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा है। टेंडर निरस्त करने के बाद अब नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया और निर्माण कार्य कराने में एक साल का वक्त लगेगा। ठेकेदार द्वारा काम बंद किए जाने के कारण धूल के गुब्बार के बीच पंधाना से वाया बड़ौदा अहीर कालंका तक 18 किमी लोग सफर करने को मजबूर है। रोड निर्माण के लिए हरदा की कंपनी ज्योति कंस्ट्रक्शन कंपनी को 5 अप्रैल 2023 में वर्क आर्डर जारी किया गया था। जिसके तहत वर्षाकाल सहित सड़क बनाने के लिए कुल विभाग ने 16 महीने यानी 4 अगस्त 2024 की डेडलाइन तय की थी। कंपनी ने तय समय में काम करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई।

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