डूंगरपुर नगर परिषद बोर्ड की अंतिम बैठक सभापति अमृतलाल कलासुआ की अध्यक्षता में नगरपरिषद सभागार में आयोजित हुई। बैठक में टाइगर हिल्स जमीन मामले में बकाया 1 करोड़ रुपए की वसूली और ध्वस्त किए गए स्लॉटर हाउस की जमीन के उपयोग को लेकर महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। बैठक के एजेंडे में राजस्थान लेखा नियम 1963 के नियम 15 के तहत ऑडिट रिपोर्ट का अनुमोदन भी शामिल था। इसमें टाइगर हिल्स में जमीन के मामले में बकायेदार शांतिलाल द्वारा 1 करोड़ रुपए जमा नहीं करवाने का मुद्दा प्रमुखता से उठा। सभापति ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए एक साल में कार्रवाई न होने पर सवाल उठाया, जिससे परिषद को वित्तीय नुकसान हो रहा है। आयुक्त प्रकाश डूडी ने बताया कि पहले भी नोटिस जारी किए जा चुके हैं। सभापति ने निर्देश दिए कि अंतिम नोटिस जारी करने के बाद भी राशि जमा न होने पर बकायादार के घर के आगे ढोल नगाड़े बजवाए जाएं और सार्वजनिक प्रकाशन के साथ कुर्की की कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त, नगर परिषद में कार्यरत स्थायी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए जीपीएफ (जनरल प्रोविडेंट फंड) लागू करने पर भी चर्चा हुई, जिसे सभी सदस्यों की सहमति से पारित कर दिया गया। ध्वस्त किए गए स्लॉटर हाउस के स्थान पर एपीजे अब्दुल कलाम पुस्तकालय और सामुदायिक भवन के निर्माण की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति पर भी विचार किया गया। पार्षद डायालाल पाटीदार, पंकज जैन और भूपेश शर्मा ने इसका विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि शहर में खुले में घूम रही गायों के कारण सड़क हादसे हो रहे हैं, इसलिए उस जगह पर गोशाला का निर्माण किया जाना चाहिए। वहीं, कुछ बीएपी पार्षदों ने उसी भूमि पर सामुदायिक भवन बनाने की मांग की, जिससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। विवाद को देखते हुए, सभापति और आयुक्त ने इस जमीन के उपयोग पर निर्णय लेने के लिए एक कमेटी गठित करने और फिर से चर्चा करने की बात कहकर मामले को शांत करवाया।


