हम नहीं मारते, तो वो मार डालते। गांव का माहौल दिन-प्रतिदिन खराब हो रहा था। हम जुआ खिलवाते थे, लेकिन वो भी दूध के धुले नहीं थे, उनका शराब का काम था। रोज-रोज की लड़ाई से अच्छा यह हुआ कि खत्म हो गए। हमें हत्या करने का कोई अफसोस नहीं है। यह कहना है सामूहिक हत्याकांड में शामिल मुख्य आरोपी पप्पू साहू का। 27 जनवरी की सुबह जबलपुर के टिमरी गांव में चार लोगों की नृशंस हत्या कर दी गई। 10 आरोपियों ने मिलकर दो परिवारों के चार लोगों की सरेआम हत्या की। हालांकि पुलिस ने हत्याकांड में शामिल दो हत्यारों को जबलपुर और सात आरोपियों को पचमढ़ी से 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां पूछताछ के लिए पुलिस ने 3 फरवरी तक की रिमांड ली थी। सभी आरोपियों की रिमांड खत्म होने के बाद उन्हें आज जेल भेज दिया गया है। कांग्रेस ने इस हत्याकांड को एमपी पुलिस की बड़ी लापरवाही बताते हुए गृह मंत्री से इस्तीफा मांगा है। आरोपी बोला- पहले उन लोगो ने वार किया टिमरी गांव में हुए सामूहिक हत्याकांड के चार आरोपियों को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल लाया गया। हत्याकांड के मुख्य आरोपी पप्पू साहू का कहना है कि अगर हम नहीं मारते तो वो हमें मार देते। पहला वार उनकी तरफ से हुआ था। जैसे ही उन्होंने मेरे भाइयों को चोट पहुंचाई, हमारा खून खौल गया और हम सब एक साथ उन पर टूट पड़े। पप्पू साहू का कहना है कि चंदन पाठक गांव में शराब बेचता था। भैया के साले ने मना किया तो उन्होंने हमला कर दिया। बड़े भैया ने रोका तो उन्हें भी मारा। तब चंदन और उनका बड़ा भाई कुंजन भी मौजूद थे। जब विवाद हुआ तो वो लोग भी आठ-नौ थे और हम भी सात-आठ। दोनों ही ग्रुप के पास हथियार थे। उन्होंने हमला किया तो फिर हम भी चुप नहीं रहे और उन्हें मार दिया। तलवार-खंजर उनके पास, हमारे पास कुल्हाड़ी-तलवार हत्याकांड में शामिल पप्पू साहू का कहना था कि हत्या करने का इरादा कहीं से भी नहीं था। पर विवाद उनकी तरफ से बढ़ा तो हमने भी हमला कर दिया। कुंजन, चंदन और उनके रिश्तेदारों के पास भी हथियार थे। अगर हम उन्हें नहीं मारते तो वो हमें मार डालते। जैसे ही बड़े भाई चंद्रभान पर हमला किया गया, हमने भी मारना शुरू कर दिया। हमारा जान से मारने का उद्देश्य नहीं था, पर पता नहीं क्या हुआ कि हम मारते चले गए और वो मरते गए। दोनों तरफ से हथियार चले। हत्या के बाद हो गए फरार पप्पू साहू ने बताया कि विवाद के बाद हत्या हुई और फिर हम फरार हो गए। चरगंवा के आगे जाकर गाड़ी रोकी। पहले सोचा कि खुद को पुलिस के हवाले कर दें, लेकिन अगर पाटन थाने जाते तो उनके परिवार वाले हमें मार डालते। इसलिए प्लान बदला और गांव लौटने का फैसला लिया। पप्पू ने बताया कि, रात करीब नर्मदापुरम के मटकुली पहुंचे तो किसी को कुछ नहीं बताया। मीडिया के जरिए गांव तक खबर पहुंच गई थी कि हमने चार लोगों की हत्या की है। डर था कि कभी भी पुलिस को सूचना मिल सकती है, इसलिए रात को ही गांव से बाहर निकल आए। अगर मटकुली से वापस आकर पिपरिया तरफ जाते तो पुलिस पकड़ लेती, इसलिए हम सभी लोग पचमढ़ी चले गए और होटल में कमरा ले लिया। मोबाइल सिम से हो सकती है गिरफ्तारी टिमरी गांव के कुंजन पाठक, चंदन पाठक, समीर दुबे और अनिकेत की हत्या करने के बाद सभी आरोपियों ने अपने घर में पहले तो परिवार वालों से बात की और फिर मोबाइल बंद कर लिए। आरोपी जानते थे कि मोबाइल लोकेशन से गिरफ्तार हो सकते है, इसलिए सभी ने अपने-अपने फोन बंद कर दिए। पिपरिया पहुंचने के बाद पप्पू ने एक नई सिम खरीदी और फिर सभी ने अपने-अपने परिवार वालों को कॉल किया। पुलिस ने जांच के दौरान यह भी खुलासा किया है कि हत्या के कुछ ही देर बाद आरोपियों के खाते में मोबाइल वॉलेट से पैसे भेजे गए है। कुछ लोगों ने चरगंवा के एटीएम से रुपए भी निकाले है। पुलिस ने यह भी पता किया है कि फरारी के दौरान उनके कुछ रिश्तेदारों ने उन्हें छिपने में मदद की थी। पुलिस अब उन मददगारों की तलाश में जुटी हुई है। सभी की काॅल डिटेल्स पुलिस के पास सामूहिक हत्याकांड के 9 आरोपियों को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर ही गिरफ्तार कर लिया था। अब पुलिस उन लोगों की तलाश में जुटी हुई है, जिन लोगों ने फरारी कटवाने में आरोपियों की मदद की थी। सभी 9 आरोपियों की मोबाइल काॅल डिटेल्स खंगाली जा रही है। इसके साथ ही बैंक खाते और मोबाइल वॉलेट की हिस्ट्री भी जांची जा रही है। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि वारदात के पहले से लेकर हत्याकांड के बाद तक आरोपियों के मोबाइल पर रुपए का लेनदेन हुआ है। माना जा रहा है कि जल्द ही पुलिस आरोपियों की मदद करने वालों को भी आरोपी बनाकर गिरफ्तार करेगी। एसपी साहब एक माह का है समय लायन ऑर्डर सुधार लो टिमरी गांव में शोकाकुल परिवारों से मिलने के बाद जीतू पटवारी ने कलेक्टर दीपक सक्सेना और एसपी संपत उपाध्याय से मुलाकात की। इस दौरान पूर्व मंत्री तरुण भनोत, विधायक लखन घनघोरिया, पूर्व विधायक संजय यादव और विनय सक्सेना भी मौजूद थे। जीतू पटवारी ने कड़े शब्दों में कहा कि अगर एक महीने में महाकौशल का लॉ एंड ऑर्डर नहीं सुधरा तो सरकार को सबक सिखाने के लिए बड़ा कार्यक्रम किया जाएगा। जीतू पटवारी ने कहा कि 10-20 हजार लोगों को इकट्ठा करो और फिर महाकौशल को घेरने की तैयारी जबलपुर से शुरू करो, मैं भी रहूंगा और हमारे सभी विधायक और जिला अध्यक्ष भी। जीतू पटवारी ने कहा कि यहां के मंत्री इतने भयंकर है, फिर भी ऐसे हालात बन रहे है।


