टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ में मछली व्यापार को व्यवस्थित करने के लिए प्रशासन ने बड़ी पहल की है। बुधवार को कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने पिछले 10-11 साल से बंद पड़े मछली बाजार का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने करोड़ों की सरकारी संपत्ति का लंबे समय से उपयोग न होने पर चिंता जताई और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि इस बाजार को जल्द से जल्द शुरू किया जाए। 11 साल का इंतजार होगा खत्म कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने निरीक्षण के दौरान बाजार की दुकानों, साफ-सफाई और ड्रेनेज व्यवस्था को बारीकी से देखा। उन्होंने कहा कि यह गंभीर विषय है कि इतने सालों से सरकारी दुकानें बनी होने के बावजूद उनका लाभ जनता और व्यापारियों को नहीं मिल रहा है। उन्होंने मत्स्य विभाग को निर्देश दिए कि बाजार को चालू करना उनकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि शहर में यहां-वहां लग रहीं अवैध दुकानों पर लगाम लग सके। पारदर्शी तरीके से होगा दुकानों का आवंटन बाजार शुरू करने के लिए कलेक्टर ने नगर पालिका को निर्देश दिए कि दुकानों का आवंटन पूरी तरह पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया के जरिए किया जाए। उन्होंने कहा कि बाजार शुरू करने से पहले वहां पीने के पानी, कचरा प्रबंधन, गंदे पानी की निकासी और यातायात की पुख्ता व्यवस्था होनी चाहिए। बल्देवगढ़ की मछली अपनी बेहतरीन गुणवत्ता के लिए पूरे देश में मशहूर है, ऐसे में व्यवस्थित बाजार मिलने से मछुआरों और ग्राहकों, दोनों को बड़ी राहत मिलेगी। 3 दिन बाद फिर होगी बड़ी बैठक कलेक्टर ने अधिकारियों को एक ठोस कार्ययोजना बनाने को कहा है। अब से तीन दिन बाद कलेक्टर दोबारा मछली समितियों, नगर परिषद के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक में बाजार शुरू करने की तैयारियों और टेंडर प्रक्रिया की प्रगति की जांच की जाएगी। निरीक्षण के दौरान बल्देवगढ़ एसडीएम भारती देवी मिश्रा, तहसीलदार डॉ. अनिल गुप्ता, नगर परिषद अध्यक्ष शालिनी विश्वदीपक मिश्रा और सीएमओ सुनीता खरे सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


