टीटीई ने सैनिकों से वसूले 200 रुपए:बॉर्डर पर जाने वाले जवान को दी जेल भेजने की धमकी, रेलवे ने सस्पेंड किया

भारत-पाक में बढ़ते तनाव को लेकर भारतीय सैनिकों की छुटि्टयां रद्द कर दी गई हैं। ऐसे में ग्वालियर से ड्यूटी जॉइन करने जम्मू जा रहे एक जवान से टीटीई ने ट्रेन में रिश्वत मांगी। ग्वालियर के रहने वाले सूबेदार विनोद कुमार दुबे का आरोप है कि मालवा एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12919) में टीटीई ने उनसे और उनके साथी अग्नि वीर से रिश्वत वसूली। ट्रेन में बहस करते हुए वीडियो भी सामने आया है, जिसमें टीटीई वीडियो बनाने से मना कर रहा है। इस पूरी घटना को लेकर जवान विनोद कुमार के परिचित ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया, जिसके बाद रेलवे ने टीटीई दलजीत सिंह को सस्पेंड कर दिया है। दलजीत सिंह लुधियाना डिवीजन में तैनात है। यह घटना सोनीपत और पानीपत के बीच 9 मई को हुई थी। ड्यूटी के लिए जम्मू जा रहे थे जवान
विनोद कुमार दुबे सेना में सूबेदार हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर को फोन पर बताया कि वे 8 मई को आपातकालीन कॉल पर ड्यूटी के लिए ग्वालियर से जम्मू जा रहे थे। उन्होंने मालवा एक्सप्रेस से सामान्य टिकट पर यात्रा शुरू की। शुक्रवार की सुबह लगभग 9 बजे ट्रेन सोनीपत और पानीपत के बीच से गुजर रही थी, तब टीटीई ने आकर उनसे टिकट मांगा। दुबे ने अपना जनरल टिकट और आर्मी का आई कार्ड दिखाया। साथ ही बताया कि ड्यूटी के लिए जम्मू जा रहे हैं। इसके बावजूद टीटीई ने उन पर जुर्माना लगाने की बात कही और जनरल कोच में जाने के लिए कहा। कोच में दुबे के साथ यात्रा कर रहे अग्निवीर जाहिर खान से टीटीई ने 150 रुपए की रिश्वत ली। टिकट देने की बजाय जनरल टिकट पर ही कुछ लिख दिया। रसीद भी नहीं बनाई। दुबे ने बताया कि वे 25 दिन की छुट्‌टी पर आए थे। उन्हें 12 मई को वापस जाना था, लेकिन छुट्‌टी कैंसिल होने के बाद 9 मई को ही रवाना हुए। टीटीई ने कहा – जेल भेज देंगे
जवान विनोद कुमार ने बताया, यह व्यवस्था बहुत भ्रष्ट है। टीटीई ने कहा कि जेल भेज देंगे। इस पर मैंने कहा, हम बॉर्डर पर जाने के लिए निकले थे, अब अगर आप चाहें तो जेल ही भेज दीजिए। तो टीटीई कहने लगा कि आप जनरल, कर्नल या कोई भी बने रहें, मुझे उससे कोई मतलब नहीं। जवानों के लिए रेलवे ने दिए इंस्ट्रक्शन्स
भोपाल डीआरएम देवाशीष त्रिपाठी ने कहा, हमारी तरफ से इंस्ट्रक्शन हैं कि जो भी जवान ड्यूटी जॉइन करने जा रहे हैं, उन्हें अधिक से अधिक सुविधा देकर उनकी यात्रा आसान बनाई जाए। यह सामान्य इंस्ट्रक्शन पहले से ही दिए हुए हैं।

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