हनुमानगढ़ में टीबी मरीजों की मदद के लिए शुरू किए गए ‘निक्षय मित्र’ अभियान ने एक नई मिसाल पेश की है। जिला कलेक्टर काना राम ने खुद एक टीबी मरीज को पोषण सामग्री देकर इस अभियान की शुरुआत की। इसके बाद 25 से अधिक जिला स्तरीय अधिकारी भी निक्षय मित्र बने और मरीजों की मदद के लिए आगे आए। यह अभियान राजस्थान के पांच जिलों में चल रहा है, जिसमें हनुमानगढ़, बारां, कोटा, झालावाड़ और राजसमंद शामिल हैं। 100 दिनों तक चलने वाले इस अभियान में अब तक 400 से अधिक लोग निक्षय मित्र बने हैं। जिले में पहचाने गए 4092 टीबी मरीजों में से 1300 से ज्यादा मरीजों को निक्षय मित्रों से सहायता मिल रही है। वर्तमान में जिले में 1819 मरीज इलाज करा रहे हैं। इन मरीजों को मूंग, दाल, चने, गुड़, सरसों का तेल, गेहूं-चावल जैसी पोषण सामग्री दी जा रही है। जिला कलेक्टर की अपील पर भादरा, नोहर, पीलीबंगा, रावतसर, संगरिया और टिब्बी क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग इस पहल से जुड़े हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा के अनुसार, निक्षय मित्र न सिर्फ मरीजों की सेहत में सुधार कर रहे हैं, बल्कि समाज में संवेदनशीलता का संदेश भी दे रहे हैं। जिला प्रशासन इन निक्षय मित्रों का समय-समय पर सम्मान भी करता है। यह पहल राज्य में टीबी उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। यह अधिकारी बनें निक्षय मित्र
पीडब्ल्यूडी अधीक्षण अभियंता शीशपाल चौधरी, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक योगेश वर्मा, जोधपुर विद्युत वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता रजीराम सहारण, डीटीओ संजीव चौधरी, सीडीईओ पन्नालाल कड़ेला, उद्योग महाप्रबंधक आकाशदीप सिद्धू, उद्यान उपनिदेशक डॉ. रमेश चंद्र बराला, जिला आबकारी अधिकारी संजीव पटावरी, एलडीएम राजकुमार, कोषाधिकारी कृष्ण कुमार, डीओआईटी संयुक्त निदेशक योगेंद्र कुमार, एपीआरओ राजपाल लंबोरिया सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी निक्षय मित्र बने।


