राजस्थान की क्रिकेट में एक अनूठा वाकया सामने आया है। राजस्थान की अंडर-14 टीम इंदौर में उत्तर प्रदेश के खिलाफ जोनल फाइनल खेलने गई हुई थी। टीम प्रैक्टिस के लिए स्टेडियम पहुंचती है तो बस से उतरने के साथ ही दो और बच्चे आरसीए की किट में उनके साथ जुड़ जाते हैं। ये बच्चे कौन हैं, कोई भी यह बताने को तैयार नहीं हैं। हां, एक सलेक्टर ने यह जरूर बताया कि कोच अजहरुद्दीन ने ही इन दोनों को एंटरटेन किया था और ट्रेनर विजय प्रकाश शर्मा को हिदायत दी थी कि ये दोनों भी टीम के साथ ही वॉर्म-अप और प्रैक्टिस करेंगे। इस बारे में हमने टीम प्रबंधन के एक सदस्य से भी बात की तो उन्होंने भी यही कहा कि इन दोनों बच्चों के बारे में हमें कोई जानकारी नहीं। कैसे वे टीम से जुड़े, किसने जोड़ा, इनके नाम क्या हैं। हां, इतना जरूर है कि ये दोनों आरसीए की इसी साल की किट में थे। अब सवाल यह उठता है कि जब सलेक्टर्स ने इन्हें चुना ही नहीं था तो इनके पास आरसीए की किट (बैक पैक, कैप, ड्रेस आदि) कहां से आईं। आरसीए और टीम प्रबंधन की लापरवाही इस तरह कोई भी कभी भी कहीं भी टीम से जुड़ जाए तो यह आरसीए एडहॉक कमेटी, सलेक्टर्स, टीम प्रबंधन सभी की जिम्मेदारी बनती है। दो अतिरिक्त बच्चे टीम के साथ जुड़ जाते हैं और किसी को भी इन बच्चों के नाम तक नहीं पता। इससे पता चलता है कि आरसीए की क्रिकेट में कितना बड़ा फर्जीवाड़ा चल रहा है । सबसे बड़ा सवाल? किसका हाथ है इसके पीछे सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि फर्जीवाड़े के पीछे किसका हाथ है। किस जिले के खिलाड़ी थे, नाम क्या था। कोई भी यह बताने को तैयार नहीं है। इससे तो यही प्रतीत होता है कि मामला बहुत ही गंभीर और बड़े लेवल का है। वरना इस तरह खिलाड़ी टीम से जुड़ जाएं, संभव नहीं है। आरसीए की ड्रेस बच्चों तक कैसे पहुंच गई। जरूर आरसीए से जुड़ा कोई व्यक्ति इसमें शामिल है। एक खिलाड़ी डूंगरपुर का बताया जा रहा जानकारी के मुताबिक एक ने डूंगरपुर और एक ने बारां जिले से स्टेट खेला है। हालांकि डूंगरपुर जिले के सचिव सुशील जैन ने कहा कि हमारे जिले से ऐसे कोई खिलाड़ी टीम में शामिल नहीं हुआ है। कोच सस्पेंड कर दिया। जांच की जा रही है। जल्द अजहरुद्दीन पर FIR कराई जाएगी। उसे बोला है कि दोनों बच्चों को आरसीए लेकर आए। -डीडी कुमावत, कन्वीनर, आरसीए एडहॉक कमेटी


