टूटी नहर से किसानों की फसल हो रही बर्बाद, जल संसाधन विभाग कुम्भकर्णी निद्रा में
प्रशासन ने पटवारी को भेज कराया स्थल निरीक्षण
अनूपपुर। जिले के पुष्पराजगढ़ में किसानों की फसल बर्बाद हो रही है किसानों के खेतों को सिचिंत करने के लिए जल संसाधन विभाग के द्वारा जलाशय का निर्माण कराया गया जिसमे नहर के माध्यम से किसानों के खेतों तक पानी पहुंचना था जिसके लिए समय समय से नहरों की मरम्मत कार्य साफ सफाई के लिए राशि आवंटित होती रही है लेकिन कागजों में ही सभी कार्य पूर्ण कर लिए गए है परंतु जमीनी हकीकत कुछ और ही बया कर रही है। पुष्पराजगढ़ ब्लॉक के धरहर ग्राम में स्थित बोहिता जलाशय है इसकी नहर की लगभग 4 किलोमीटर है।इसका निर्माण धरहर से बसनिहा पंचायत तक के सैकड़ों किसानों के खेतों में पानी पहुंचाने के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा कराया गया था। नहरों के जगह जगह से टूट जाने से किसानों की रबी की फसल चना, मसूर, गेहूं धनिया जैसे फसल बर्बाद हो रही नहर के टूट जाने से किसानों के खेतों में पानी भर रहा है जिसके लिए किसानों ने विभाग में जा कर आवेदन और निवेदन भी किया लेकिन आज तक इन किसानों की बर्बाद हो रही फसल को देखने वाला नहीं है और न ही समस्याओं का निराकरण हो पा रहा है। जब मीडिया की टीम ने नहर का जायजा लिया तो पाया कि नहर जगह जगह से टूटी हुई है खेतों में पानी भर घर है फसल सड़ रही है जिन खेतों में पानी की जरूरत है उन खेतों तक नहर की सफाई कार्य तक नहीं हुए है जिससे किसानों की फसल बर्बाद हो रही है ताजुब की बात है अभी बीते वर्ष ही इस बोहिता जलाशय ने नहर सुधार कार्य साफ सफाई के लिए 30 लाख खर्च कर दिए गए है जिसकी जमीनी हकीकत कागजों कार्यवाही के बिलकुन विपरीत नजर आ रही है। इस पूरे मामले में जब हम जिम्मेदार अधिकारियों से बात करने जल संसाधन विभाग पहुंचे तो वहां पर कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं मिले।
मौके पर पहुंचे पटवारी
मौके पर पटवारी ने बताया कि नहर जगह जगह से टूटी हुई है जिसका सर्वे किया जा रहा है जिन किसानों की फसल पानी भर जाने और जिन किसानों के खेतों में पानी नहीं पहुंच पाने से फसल बर्बाद हुई है लिस्ट बना कर एसडीएम पुष्पराजगढ़ को रिपोर्ट देंगे।


