पाली में एक 30 साल के युवक ने रोजगार के लिए नई टैक्सी खरीदी लेकिन तकनीकी खामी के चलते टैक्सी ऑयल खाने लगी। सर्विस सेंटर भेजा। वहां एक महीने तक टैक्सी को रखा गया लेकिन उसके बाद भी सुधार नहीं हुआ। आरोप है कि शिकायत सर्विस सेंटर में कई बार की लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। ऐसे में मानसिक रूप से इतना परेशान हो गया कि खुद को आग लगा दी। गंभीर हालत में उसे हॉस्पिटल लाया गया।
घटना पाली जिले के सुमेरपुर क्षेत्र के बिसलपुर गांव में रविवार शाम करीब पांच बजे हुई। नई टैक्सी की सर्विस नहीं मिलने से परेशान 30 साल के हसंमुख पुत्र आसूराम ने खुद को आग लगा दी। चिल्लाते हुए वह घर से बाहर दौड़ा परिवार के लोगों और मोहल्लेवासियों ने आग बुझाई और सुमेरपुर हॉस्पिटल ले गए। जहां से उसे पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लाया गया। जहां से देर शाम को उसे जोधपुर रेफर किया गया। जहां उसका उपचार जारी है। इस हादसे में युवक करीब 70 प्रतिशत तक झुलस गया।
10 महीने पहले खरीदी थी किश्तों पर सवारी टैक्सी
इस घटना में झुलसे बिलसपुर निवासी हंसमुख का कहना है कि कि उसने 30 मई 2025 को किश्तों पर सवारी टैक्सी सुमेरपुर से खरीदी थी। जिसे हर महीने 8751 रुपए की किश्त आ रही थी। जिसे उसे 48 महीनों तक भरना था। सबकुछ ठीक चल रहा था। वह टैक्सी के कारण अच्छी कमाई कर रहा था तीन महीने पहले खराब हुई टैक्सी
झुलसे हंसमुख का आरोप है कि करीब तीन महीने पहले अचानक टैक्सी ऑयल खाने लग गई। ऐसे में वह उसे सर्विस सेंटर ले गया। जहां करीब एक महीने तक टैक्सी को रखा। जिससे उसका रोजगार प्रभावित हुआ। उसके बाद जब टैक्सी घर लाया तो भी उसमें कोई सुधार नहीं हुआ। 2 लीटर ऑयल दो-तीन में खत्म होने लगा। इससे परेशान होकर वापस सर्विस सेंटर गया तो बोले कि इसे जोधपुर सर्विस सेंटर ले जाओ। नई टैक्सी में इस तरह की तकनीफ आने से और सर्विस सेंटर संचालक की बेरूखी से वह मानसिक रूप से काफी आहत हो गया था और परेशान होकर खुद को रविवार शाम को आग लगा दी। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।


