टैंक में मिले 3-बच्चों के शव,ट्रेन के आगे कूदी मां:वीडियो में कहा- मेरे साथ मारपीट की, घर से निकाल दिया; इनको सजा मिलनी चाहिए

सवाई माधोपुर जिले में घर से 150 मीटर दूर पानी के टैंक में 3 मासूम बच्चों के शव मिले। बच्चों की मां भरतपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के आगे कूद गई थी। उसे गंभीर हालत में जयपुर के SMS अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। महिला ने एक दिन पहले ही सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर ससुराल वालों पर मारपीट करने और प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे। मामला वजीरपुर उपखंड के मीना बड़ौदा गांव का है। घर से 150 मीटर दूर टैंक में मिले शव
वजीरपुर थानाधिकारी राजवीर ने बताया- मीना बड़ौदा गांव में सोमवार सुबह 10 बजे पानी के टैंक में 3 बच्चों के डूबने की सूचना मिली थी, जो उनके घर से 150 मीटर दूर है। बच्चों की मां संगीता मीणा लापता बताई गई थी। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची तब तक परिजनों ने तीनों शव बाहर निकाल लिए थे। मृत बच्चों की पहचान दिव्या (5), भारती (3) और डेढ़ वर्षीय दीपक के रूप में हुई। पुलिस ने शव वजीरपुर वजीरपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की मॉर्च्युरी में रखवाए और बच्चों की मां की तलाश शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि रविवार रात 8 बजे भरतपुर रेलवे स्टेशन पर संगीता सोगरिया एक्सप्रेस ट्रेन के आगे कूद गई थी। RPF और GRP ने उसे भरतपुर के आरबीएम अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां से जयपुर के SMS हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पीहर पक्ष ने लगाया प्रताड़ित करने का आरोप
थानाधिकारी ने बताया- करौली जिले के आलमपुर गांव में रहने वाले संगीता के पीहर पक्ष के लोगों को इसकी जानकारी दी गई। पीहर पक्ष के लोगों ने आरोप लगाया कि संगीता की शादी करीब 7 साल पहले मीना बड़ौदा निवासी प्रवीण मीणा से हुई थी। शादी के बाद से ही उसे ससुराल पक्ष प्रताड़ित कर रहा था। उसके साथ मारपीट करते थे। परिजनों ने आरोप लगाया कि बच्चों के शव अस्पताल में रखे होने के बावजूद उनका पिता या ससुराल पक्ष का कोई भी सदस्य यहां नहीं आया। थानाधिकारी ने कहा- पूरे मामले की गंभीरता से जांच में की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। वीडियो में कहा- साथ इतने दिन का ही था
संगीता मीणा ने 1 दिन पहले वीडियो पोस्ट किया था। इसमें उसने कहा- भैया अखिलेश, मैं मजबूरी में जा रही हूं छोड़कर। मेरे साथ राकेश, कविता और कमला तीनों ने खूब मारपीट की। घर से धक्का देकर निकाल दिया। बहुत छिपाया। आपसे कह नहीं पाई। मेरी मौत के ये जिम्मेदार हैं। मेरे बच्चों को लेकर मैं जा रही हूं। इनको सजा मिलनी चाहिए। इनकी वजह से मैं मर रही हूं। मेरी कोई गलती नहीं। मैंने बहुत सोचा मेरी जिंदगी कट जाएगी, लेकिन नहीं कटने दी। मेरी टेंशन मत करना, लेकिन इनको सजा जरूर दिलाना। खूब मारपीट करने से खून निकल रहा है। मां-बाप, रिश्तेदारों ने खूब साथ दिया, लेकिन इन्होंने नहीं टिकने दिया। भैया मेरा कोई दुख मत करना। भैया साथ जरूर निभाइयो, बढ़िया रहियो। साथ इतने दिन का ही था।

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