राजस्थान में आगामी नगरपालिका एवं पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव को शांति पूर्वक और बिना भय के कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने निर्देश जारी किए है। प्रशासन ने वैध लाइसेंस हथियारों को 25 फरवरी तक संबंधित थाने में जमा कराने के आदेश दिए हैं। यह हथियार चुनाव संपन्न होने तक संबंधित थाने में रहेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार स्क्रीनिंग समिति की जिला निर्वाचन अधिकारी कल्पना अग्रवाल की अध्यक्षता में आज शुक्रवार को हुई बैठक में लिया गया। 25 फरवरी तक थाने में जमा कराना होगा
निर्वाचन अधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट कल्पना अग्रवाल ने बताया- राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान के निर्देशानुसार एवं आर्म्स एक्ट 1959 के तहत निर्देश जारी किए गए है। इसके तहत टोंक जिले के सम्पूर्ण राजस्व सीमा में अधिवासित एवं विद्यमान समस्त शस्त्र धारक चाहे उसका शस्त्र अनुज्ञापत्र इस जिला क्षेत्र के किसी भी प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया हो या राज्य के अन्य जिलों या देश के किसी भी क्षेत्र संबंधित प्राधिकारी से अनुज्ञापत्र जारी किया हो। ऐसे सभी अनुज्ञापत्र धारियों को अपने-अपने शस्त्र 25 फरवरी तक निकटतम पुलिस स्टेशन के भारसाधक अधिकारी को जमा कराने होंगे। जमा शस्त्र पुलिस स्टेशन के भारसाधक अधिकारी से चुनाव परिणाम जारी होने के एक सप्ताह के बाद ले सकेंगे। निर्णय के अनुसार शस्त्र अनुज्ञाधारियों को छूट के लिए प्रार्थना पत्र संबंधित थानाधिकारी को आचार संहिता से पूर्व प्रस्तुत करना होगा। जो व्यक्ति लम्बे समय से राजस्थान के बाहर रह रहे हैं और चुनाव के दौरान राजस्थान में आने की संभावना नहीं है। मंदिर, ट्रस्ट एवं कंपनी आदि की सुरक्षा में गार्ड लगे हुए हैं। राईफल एसोसिएशन एवं स्पोर्ट्स मेन जो राईफल एसोसिएशन के मेंबर होकर विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिता में भाग लेते हैं। यदि कोई अनुज्ञापत्रधारी अपनी आत्म रक्षा के लिए या अन्य उचित कारण से शस्त्र अपने पास रखना चाहता है, उन्हें प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने बताया कि संबंधित थानाधिकारी अनुज्ञापत्र धारियों द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना पत्रों का इन्द्राज कर तत्काल पुलिस अधीक्षक के माध्यम से जिला स्तरीय स्क्रीनिंग समिति को प्रस्तुत करेंगें। जिला स्तरीय रक्रीनिंग समिति अनुज्ञापत्रधारियों के प्रार्थना पत्र पर गुणावगुण के आधार पर विवेचन कर निर्णय पारित कर आदेश जारी करेगी। यह निर्देश इन पर लागू नहीं होगा
बैंक सुरक्षाकर्मियों, सीमा सुरक्षा बल, अर्द्धसैनिक बल, सैनिक बल, सशस्त्र पुलिस, सिविल डिफेंस, होमगार्ड्स और उन राज्यों एवं केंद्रीय अधिकारियों, कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। इनके अलावा हथियार जमा नहीं कराने वाले लोगों पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


