राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष में जिला मुख्यालय समेत जिलेभर में सोमवार को विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में समाज, संस्कृति, पर्यावरण और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई। इस मौके पर कलश यात्रा भी निकाली गई। जिला मुख्यालय पर भी गणेश बस्ती में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन की शुरुआत महिलाओं द्वारा 211 कलशों की यात्रा से हुई। कलश यात्रा के दौरान बालिकाओं ने शस्त्र कला का प्रदर्शन कर पराक्रम एवं महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया। सम्मेलन स्थल अन्नपूर्णा गणेश मंदिर परिसर पर कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के चित्र के समक्ष द्वीप प्रज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संत श्री श्री 1008 सत्यप्रकाश महाराज वनखंडी आश्रम, सवाईमाधोपुर ने बताया कि जाति और ऊंच-नीच का भेदभाव हमारी सनातन संस्कृति के लिए घातक है। महाराज जी ने गौ माता के महत्व के बारे में बताते हुए जन समुदाय से गौ रक्षा के लिए कार्य करने का संदेश दिया। गोपालजी के मंदिर टोंक से पधारें संत श्री सुरेश महाराज ने युवाओं को व्यसनों से दूरी बनाए रखने की प्रेरणा दी और मातृशक्ति सशक्तिकरण का संदेश दिया। मुख्य वक्ता सामाजिक समरसता, पर्यावरण, कुटुंब प्रबोधन, स्व का बोध एवं नागरिक कर्तव्य विषयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हिंदू समाज भारत की सबसे बड़ी शक्ति है, लेकिन जब तक यह समाज संगठित और जागरूक नहीं होगा तब तक राष्ट्र की सुरक्षा को पूर्ण रूप से मजबूत नहीं किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने हिंदू परिवार में आ रही समस्याओं के समाधान के उपाय बताये। कार्यक्रम के अध्यक्ष रामदेव ने सभी संतों एवं जन समुदाय का कार्यक्रम में पधारने पर आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान अशनीत ने राम भजन एवम बासुरी वादन, कवि दयाशंकर एवं हनुमान बादाम ने राष्ट्रीय भाव की कविताएं पढ़ी गई। हिंदू सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष एवं बच्चों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम में गणेश बस्ती निवासी चंद्रवीर सिंह चौहान, शैतान, रामधीरज, विनोद, बलवन्त, विवेक, पवन, रामावतार, सोनू, भरत, सुमित, अरविंद, जितेन्द्र समेत सेकड़ों की संख्या में बस्ती के निवासियों ने भाग लिया।


