मोगा पुलिस ने दारापुर टोल प्लाजा जाम करने की किसानों की घोषणा से पहले ही कई प्रदर्शनकारी किसानों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने किसानों को टोल प्लाजा तक पहुंचने से पहले ही रास्ते में रोककर यह कार्रवाई की। किसान नेता धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी के मामलों में सख्त कानून बनाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। उनका आरोप है कि ग्रीत सिंह समाना लंबे समय से इस मुद्दे पर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। इसी मुद्दे पर ध्यान आकर्षित करने के लिए किसानों ने टोल प्लाजा को ‘फ्री’ कराने का फैसला किया था। किसान बोले- प्लाजा तक पहुंचे भी नहीं थे किसानों का कहना है कि वे टोल प्लाजा तक पहुंचे भी नहीं थे और न ही उन्होंने कोई जबरन कार्रवाई की थी। वे केवल इकट्ठे होकर अपना विरोध दर्ज कराने की तैयारी कर रहे थे। किसानों ने पुलिस की इस कार्रवाई को सरकार और प्रशासन की ‘दमनकारी नीति’ बताया। मांगे नहीं मानने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी किसान नेताओं ने दावा किया कि पिछले एक महीने से चल रहे उनके संघर्ष के बावजूद सरकार ने कोई संवेदनशील रुख नहीं अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। हिरासत में लिए गए किसानों की रिहाई और आगे की रणनीति पर संगठन जल्द निर्णय लेगा।


