बाड़मेर लिफ्ट परियोजना की गूंगा व बड़ोड़ा गांव के पास मुख्य पाइप लाइन लीकेज होने से दो दिन का शटडाउन लिया गया है। ऐसे में बाड़मेर व बालोतरा के लिए होने वाली नहरी पानी की सप्लाई दो दिन बाधित रहेगी। परियोजना के तहत मोहनगढ़ से बाड़मेर तक पहुंचने वाली मुख्य पाइप में लीकेज होने के चलते पिछले 4 महीने में 16 बार शटडाउन लिए जा चुके हैं। विभाग की ओर से ट्रंक लाइन की देखरेख पर मासिक 18 लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन फिर भी ट्रंक लाइन में बार-बार लीकेज हो रहे हैं। अधिकारियों की लापरवाही व संबंधित फर्म के अधूरे मेंटेनेंस कार्य के चलते जैसलमेर, बाड़मेर व बालोतरा की जनता परेशान है। पीएचईडी नगरखंड एक्सईएन बिजेंद्र प्रसाद मीणा का कहना है कि नहरी पानी के बाड़मेर जीरो पॉइंट तक नहीं पहुंचने से बाड़मेर शहर व आसपास के इलाकों में बुधवार व गुरुवार दो दिन सप्लाई बंद रखी जाएगी। वहीं दूसरी ओर फर्म की ओर से ट्रंक लाइन की मॉनिटरिंग भी समय पर नहीं होने से बाड़मेर तक पहुंचने वाले 20% से 25% पानी की चोरी हो रही है। ऐसे में बाड़मेर शहर सहित आसपास के गांवों में सर्दियों में भी जल संकट बना है। चार माह में लीकेज के कारण 16 बार शटडाउन फर्म की लापरवाही के चलते बार-बार ट्रंक लाइन में लीकेज, पेट्रोलिंग के अभाव में न तो पानी पहुंच रहा है और न ही चोरी रोकी जा रही है। पीएचईडी परियोजना खंड मोहनगढ़ ट्रंक लाइन मेंटेनेंस के नाम पर अक्टूबर 25 से फरवरी तक 16 दिन शटडाउन ले चुका है। अक्टूबर में तीन बार लाइन फूटने के कारण शटडाउन लिया गया। अक्टूबर 4, 5 तथा 31 को नहर बंद रही। नवंबर में चार दिन नहर बंद रखी गई। नवंबर 1, 2, 3 तथा 28 को पानी बंद रहा। दिसंबर में 7 दिन शटडाउन लिया गया। नवंबर 4, 5, 14, 15, 16, 17, 18 को शटडाउन लिया गया। बीकेजी में पाइप लाइन फूटने तथा गैसकेट फटने से 5 दिन लगातार पानी सप्लाई बंद रखी गई। अब मोहनगढ़ से भागू का गांव में ट्रंक लाइन लीकेज के चलते दो दिन शहर में पानी नहीं पहुंचेगा। शहर में चार महीने से पानी का अंतराल एक-दो दिन के स्थान पर 6 से 7 दिन का जारी है।


