उत्तर पश्चिम रेलवे की दादर-भगत की कोठी एक्सप्रेस में सफर के दौरान एक बर्थ के नीचे लावारिस लाल ट्रॉली बैग मिलने से कुछ देर के लिए यात्रियों में हलचल मच गई। सजग सीटीआई की सतर्कता से मामला गंभीर होने से पहले ही संभाल लिया गया और बैग को तुरंत आरपीएफ के सौंप दिया गया। समय रहते उठाए गए इस कदम से संभावित खतरे को टाल दिया गया और ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों ने राहत की सांस ली। आरपीएफ मामले की नियमानुसार जांच कर रहा है। सीनियर डीसीएम हितेश यादव के अनुसार, मुख्य टिकट निरीक्षक (CTI) लक्ष्मण राम चौधरी अहमदाबाद से भगत की कोठी के बीच ट्रेन संख्या 20484 दादर वेस्टर्न-भगत की कोठी एक्सप्रेस में नियमित यात्रियों के टिकटों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान कोच संख्या बी-2 में बर्थ संख्या 71 के नीचे एक लाल रंग का ट्रॉली बैग लावारिस अवस्था में नजर आया। बैग मिलते ही सीटीआई ने पूरे कोच में आवाज देकर यात्रियों से पूछताछ की, लेकिन किसी भी यात्री ने उसे अपना नहीं बताया। केबिन संख्या 65 से 72 तक के सभी यात्रियों के पास दादर से भगत की कोठी तक के वैध टिकट पाए गए, जिससे बैग की संदिग्धता और बढ़ गई। भीलड़ी स्टेशन पर आरपीएफ ने कब्जे में लिया बैग का कोई मालिक नहीं मिलने पर इसकी सूचना तुरंत वाणिज्य नियंत्रक जोधपुर को दी गई। जोधपुर मंडल के निर्देश पर भीलड़ी स्टेशन पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल को अलर्ट किया गया। जैसे ही ट्रेन भीलड़ी स्टेशन पहुंची, आरपीएफ स्टाफ ने बैग को एक लिखित मीमो के साथ अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित स्थान पर रखवाया। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रेलवे प्रशासन ने इस घटना के बाद यात्रियों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। सीनियर डीसीएम हितेश यादव ने यात्रियों से अपील की है कि: रेल यात्रा के दौरान अपना कीमती सामान हमेशा स्वयं की निगरानी में रखें। यदि ट्रेन या स्टेशन परिसर में कोई भी लावारिस वस्तु दिखे, तो उसे न छुएं और तुरंत रेलवे स्टाफ या आरपीएफ को सूचित करें। यात्रियों की सजगता से ही समय रहते बड़ी घटनाओं को रोका जा सकता है।


