भास्कर न्यूज |लुधियाना सरकारी कॉलेज के साथ बने आरटीए विभाग के ड्राइविंग टेस्ट सेंटर में अव्यवस्थाओं का आलम देखने को मिल रहा है। जहां रोजाना 200 से अधिक लोग अपने वाहन का टेस्ट देने पहुंचते हैं, वहीं बुनियादी सुविधाओं की कमी और गंदगी के कारण आवेदकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। टेस्ट ट्रैक पर जगह-जगह गंदगी फैली हुई है। वाटर फिल्टर के बाहर पानी जमा है, जिससे आसपास कीचड़ जैसा माहौल बना हुआ है। आवेदकों का कहना है कि पीने के पानी की उचित व्यवस्था नहीं है और सफाई का भी अभाव है। आशीष कुमार ने बताया कि तेज गर्मी के कारण उन्हें बार-बार प्यास लग रही थी, लेकिन फिल्टर के पास फैली गंदगी देखकर उन्होंने पानी पीना ही उचित नहीं समझा। सबसे गंभीर समस्या ट्रैक के मुख्य गेट के पास बने गहरे गड्ढे की है। दफ्तर में प्रवेश करते ही यह बड़ा गड्ढा आवेदकों के लिए मुसीबत बना हुआ है। चार पहिया वाहन जब टेस्ट के लिए अंदर आते हैं तो उन्हें पहले इसी गड्ढे से गुजरना पड़ता है। गड्ढे में पड़ी बजरी उछलकर आसपास खड़े लोगों पर गिरती है, जिससे कई लोग घायल भी हो चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजाना सैकड़ों लोग इस गड्ढे का शिकार होते हैं। अनीता कुमारी ने बताया कि वह सुबह 9 बजे टेस्ट देने पहुंच गई थीं, लेकिन टेस्ट 11 बजे शुरू हुआ। दो घंटे तक उन्हें इंतजार करना पड़ा। राजेश कुमार ने कहा कि बार-बार बिजली जाने के कारण उन्हें एक घंटे से अधिक समय तक खड़ा रहना पड़ा। जब इस संबंध में ट्रैक इंचार्ज रविंदर सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि बिजली गुल होने के कारण थोड़ी देर के लिए काम रोका गया था, बाद में टेस्ट प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी गई। वाटर फिल्टर और गंदगी के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि सुबह जांच करवाई जाएगी और यदि कोई समस्या है तो उसे तुरंत ठीक कराया जाएगा। उनके पास फंड नही है। गड्ढे और सफाई व्यवस्था को भी जल्द दुरुस्त करने का आश्वासन दिया गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि टेस्ट सेंटर की व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए, ताकि आवेदकों को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिल सके।


