ठंड में सांस के रोगियों की समस्याओं में इजाफा हुआ है। बड़ी संख्या में सांस फूलने की समस्या के मरीज जिला अस्पताल से लेकर चिकित्सा संस्थानों में पहुंच रहे हैं। इनमें उन मरीजों की भी तादाद है, जिनमें ऐसे लक्षण पहली बार आ रहे हैं। इसके अलावा कई ऐसे मरीज भी हैं, जो पहले से इन परेशानियों को झेल रहे हैं। ये कहना है KGMU के रेस्पिरेट्री मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. आरएएस कुशवाहा का। उन्होंने बताया कि COPD और अस्थमा के मरीजों में इस मौसम में अटैक की संभावना बेहद ज्यादा रहती है। ऐसे में एक्सपर्ट डॉक्टर की लिखी दवाई का नियमित सेवन करना बेहद जरूरी है। कैंपस@सीरीज के 77वें एपिसोड में KGMU के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. आरएएस कुशवाहा से खास बातचीत… डॉ. आरएएस कुशवाहा कहते हैं कि बढ़ते प्रदूषण ने लंग्स को कमजोर कर दिया है। ठंड में ऐसी समस्या आम है, पर थोड़ी सी सावधानी या एहतियात बरतकर गंभीर समस्या से बचा जा सकता है। देखें पूरा वीडियो…


