शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर लाखों की ठगी करने वाले एक सक्रिय गिरोह का खुलासा राज्य साइबर पुलिस जोन जबलपुर ने किया है। गिरोह के 4 आरोपियों को इंदौर से गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी कॉल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से लोगों को शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का लालच देते थे और ठगी की रकम म्यूल खातों में ट्रांसफर कराते थे। पुलिस को गिरोह के मास्टर माइंड की तलाश है। उसकी गैरमौजूदगी में पूरे गैंग को आठवीं पास युवक चला रहा था। एसपी राज्य साइबर प्रणय नागवंशी ने बताया कि मामले में जबलपुर की एक महिला ने शिकायत की थी। शिकायत में बताया कि शेयर ट्रेडिंग में ज्यादा रिटर्न का भरोसा दिलाकर अलग-अलग खातों में कुल 14.16 लाख रुपए जमा करवाए गए। आरोपी फर्जी कॉल सेंटर से कॉल कर निवेश की सलाह देकर रकम म्यूल खातों में ट्रांसफर कराते थे। इसके बाद ठगी की राशि ऐशो-आराम में खर्च कर लेते थे। साइबर पुलिस ने इंदौर से पकड़ा, सरगना फरार सभी आरोपियों के काम बंटे थे इंस्पेक्टर नीलेश अहिरवार ने बताया कि गिरोह के सभी सदस्यों के काम बंटे हुए थे। अक्षय होटल मैनेजमेंट कर चुका है और उसे टेली कॉलिंग की अच्छी जानकारी है। इसलिए लोगों को कॉल या मैसेज कर वही झांसे में लेता था। दयानंद को मिथुन की मदद से खातों की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी थी। अनिकेत 8वीं पास है, जो गैंग लीडर की गैरमौजूदगी में गिरोह को चला रहा था। तकनीकी जांच से खुली परतें शिकायत पर धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया गया। तकनीकी जांच में संदिग्ध बैंक खातों, कॉल डिटेल्स और डिजिटल ट्रांजेक्शन के आधार पर गिरोह की पहचान हुई। जांच में सामने आया कि अनिकेत म्हात्रे इंदौर में कॉल सेंटर चलाता है। पुलिस ने अनिकेत और उसके साथियों दयानंद मांझी, अक्षय मंडलिक और मिथुन जाटव को गिरफ्तार किया। चारों इंदौर के रहने वाले हैं।


