राजधानी में एक आरटीओ एजेंट को ठगों ने मुंबई एटीएस का अधिकारी बताकर 17.15 लाख रुपए वसूल लिए। आरोपियों ने आरटीओ एजेंट और उसके पूरे परिवार को 24 घंटे तक वीडियो कॉल पर डिजिटल निगरानी में रखा। फिलहाल इस मामले में पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि शरद कुमार तिवारी को 15 फरवरी को एक नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को मुंबई एटीएस का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके आधार और बैंक खाते का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर अपराध में हुआ है। गिरफ्तारी से बचने और जांच में सहयोग के नाम पर उन्हें लगातार वीडियो कॉल पर रहने को कहा गया। कॉलर ने धमकाया कि जांच में सहयोग नहीं करने पर उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके बाद पीड़ित और उनके परिवार को 24 घंटे तक वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट में रखा गया। इस दौरान बैंक खातों की जानकारी लेकर किस्तों में कुल 17.15 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने टिकरापारा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस बैंक खातों, ट्रांजेक्शन डिटेल और कॉल रिकॉर्ड के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है। साइबर सेल को भी जांच में शामिल किया गया है। पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। किसी भी अज्ञात कॉल पर खुद को पुलिस, सीबीआई, एटीएस या किसी केंद्रीय एजेंसी का अधिकारी बताने वाले व्यक्तियों से सावधान रहें। परिवार पर भी बनाया मानसिक दबाव:साइबर ठगों ने परिवार के सदस्यों को भी कॉल पर शामिल कर लिया। किसी को फोन न करने और घर से बाहर न निकलने की सख्त चेतावनी दी गई। लगातार निगरानी और धमकियों से परिवार सहम गया और आरोपियों के निर्देशों का पालन करता रहा।


