ठाकुराणी देवी के शक्तिपीठ से होकर बहने वाली संजय नदी की जलधारा कभी नहीं सूखती है, शक्तिपीठ को पर्यटन स्थल बनाने की उठी मांग

भास्कर न्यूज | सरायकेला सरायकेला प्रखंड अन्तर्गत मुरुप एवं गोविंदपुर गांव के बीच संजय नदी तट के ठाकुराणी दरोह में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मकर संक्रांति के दिन हजारों श्रद्धालु आस्था पूर्वक मकर डुबकी लगाकर माता ठाकुराणी देवी के दरबार में अपने व परिवार की सुख शांति व समृद्धि के लिए पूजा -अर्चना करेंगे। यहां के मुख्य पुजारी शुक्रा सरदार ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी माता ठाकुराणी देवी की शक्तिपीठ में मकर पूजा मंगलवार को ही की जाएगी। उन्होंने बताया कि शक्ति पीठ में माता ठाकुराणी देवी की सच्चे मन से आराधना करने वालों की हर मनोकामनाएं पूर्ण होती है। मकर संक्रांति के दिन जय मां ठाकुराणी सेवा संघ, गोविंदपुर के द्वारा निशुल्क सेवा शिविर का आयोजन किया जाएगा। उक्त आशय की जानकारी देते हुए आयोजन समिति के मृत्युंजय पति ने बताया कि मकर संक्रांति के दिन यहां पहुंचे श्रद्धालुओं की सेवा के लिए सेवा समिति के कार्यकर्ता तत्पर रहेंगे और वहीं श्रद्धालुओं के बीच खीर ,खिचड़ी, चाय आदि निशुल्क मुहैया कराएंगे। सरायकेला प्रखण्ड अन्तर्गत मुरुप व गोविंदपुर गांव के बीच संजय नदी के तट पर प्राकृतिक छटाओं से भरपूर बड़े- बड़े चट्टानों के बीच देवी स्थल माता ठाकुराणी देवी का शक्तिपीठ स्थित है जो पर्यटन स्थल के रूप में तब्दील होने की बाट जोह रहा है। इस शक्ति पीठ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग व जनप्रतिनिधियों से कई बार कर चुके है। उक्त आशय की जानकारी देते हुए स्थानीय युवा सामाजिक कार्यकर्ता हेमसागर प्रधान ने बताया कि यह शक्तिपीठ को पर्यटन स्थल के रूप में तब्दील होने से क्षेत्र के विकास में नया आयाम खुलेगा। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगी। ठाकुराणी शक्तिपीठ के विषय में विशेष जानकारी देते हुए युवा सामाजिक कार्यकर्ता हेमसागर ने बताया कि माता ठाकुराणी देवी के शक्तिपीठ से होकर बहने वाली संजय नदी की जलधारा कभी भी नहीं सूखती है। गर्मी में बड़ी- बड़ी नदियों की जलधारा थम जाती है, वहीं संजय नदी में इस स्थल पर जल का प्रवाह रहता है। यही नहीं बल्कि यहां निर्मल जल का एक जलाशय भी है, जिसका जल बारह महीने एक जैसा बना रहता है। स्थानीय लोग इस जलाशय को ठाकुराणी दरोह के नाम से जानते है।

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