शासकीय माध्यमिक स्कूल दहदहा में विद्यार्थियों की कलाई पर कट के निशान मिलने से प्रशासन, पालक और ग्रामीण हैरान हैं। बुधवार को कुरूद एसडीएम और एसडीओपी ने स्कूल का दौरा किया। जांच में पाया कि करीब 35 विद्यार्थियों की कलाई पर नुकीली वस्तुओं से काटने के निशान हैं। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि बड़ी संख्या में बच्चों ने ऐसा कदम क्यों उठाया? महीनेभर पहले हुई इस घटना का खुलासा 13 फरवरी को हुआ, जिसके बाद पालकों और प्रशासन में हड़कंप मच गया। जब माता-पिता को जानकारी मिली तो वे चिंतित होकर स्कूल पहुंचे और शिक्षकों से जवाब मांगा। इसकी गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रशासन ने जांच शुरू की। बच्चों की काउंसलिंग भी करवाई, लेकिन अब तक इस घटना के पीछे का कारण पता नहीं चल सका है। पालकों का कहना है कि गांव में नशे का अवैध कारोबार जोरों से चल रहा है, लेकिन पुलिस प्रशासन सिर्फ औपचारिकता निभाने तक सीमित है। इसकी वजह से बच्चों में नशे की लत बढ़ती जा रही है। हालांकि, एसडीओपी कुरूद रागिनी मिश्रा ने इस आरोप को खारिज किया। बताया कि गांव में नशे के अवैध कारोबार की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों ने एक-दूसरे को चैलेंज देते हुए अपने हाथों पर कट के निशान बनाए हैं। कुछ निशान 4 से 6 महीने पुराने हैं, जबकि कुछ के निशान हाल के, यानी इसी महीने के होने की संभावना है। स्कूल में 92 बच्चे पंजीकृत
दहदहा स्कूल में कुल 92 बच्चे पंजीकृत हैं, जिनमें से 35 के हाथों पर कट के निशान हैं। इन बच्चों में 14 छात्राएं और 21 छात्र शामिल हैं, जिनकी उम्र लगभग 11 से 14 साल के बीच है। जख्म भर चुके हैं। सिर्फ निशान दिखाई दे रहे हैं, लेकिन सवाल यह बना हुआ है कि इन बच्चों ने ऐसा क्यों किया? अंदेशा है कि बच्चों ने ऑलपिन, नुकीली लकड़ी या ब्लेड जैसी वस्तुओं से खुद कट के निशान बनाए हैं। इन बिंदुओं पर अफसरों ने जांच की-
– नशे के अवैध कारोबार की जांच की गई, जिसमें शिक्षक, पालकों और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए गए।
– जांच के दौरान 35 बच्चों की कलाई पर कट के निशान पाए गए, इन निशानों के पीछे आखिर किसका हाथ है।
– क्या ये चैलेंजिंग के तहत एक-दूसरे को देखकर किया गया है? मोबाइल गेमिंग से जुड़े कुछ बच्चों से पूछताछ हुई।
– ऑलपिन, ब्लेड का उपयोग कर कलाई पर ये निशान बनाए होने की संभावना है। कुछ बच्चों द्वारा टैटू बनाने के शौक में ऐसा करने की आशंका है। नशे की आशंका… अफसर पहुंचे स्कूल
बुधवार को कुरूद एसडीएम नभसिंह कोसले और एसडीओपी रागिनी मिश्रा ने स्कूल का निरीक्षण किया। हर एक बच्चों को करीब 8 से 10 मिनट समय देकर सवाल-जवाब किए। उनके साथ तहसीलदार सूरज सिंह बंछोर, बीईओ चंद्रकांत साहू, सरपंच डीलन चंद्राकर, टीआई चंद्रकांत साहू और स्कूल स्टाफ भी मौजूद था।
पैरेंट्स अनजान थे, जो गंभीर मामला फिलहाल जो मामला सामने आया है, उसे देखकर लगता है कि बच्चों ने ही एक-दूसरे को इसे लेकर चैलेंज दिया होगा। इस मामले में बड़ी बात ये है कि इसका खुलासा स्कूल से हुआ, मतलब पैरेंट्स इस बात से पूरी तरह से अनजान थे, जो एक तरह से गंभीर मामला है। ऐसा इसलिए क्योंकि आपका बच्चा मोबाइल में क्या कर रहा है, कौन सा गेम खेलता है, उनका व्यवहार कैसा है, ये आपको जानना होगा। व्यवहार में परिवर्तन दिखे तो बात करें।
– डॉ. शकुंतला दुल्हानी, एचओडी साइकोलॉजी डिपार्टमेंट दुर्गा कॉलेज रायपुर


