फिल्म बनाने के नाम पर 30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी मामले में बॉलीवुड डायरेक्टर विक्रम भट्ट की पत्नी श्वेतांभरी भट्ट को सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अंतरिम जमानत दे दी। वे आज जेल से बाहर आ सकती हैं। वहीं विक्रम भट्ट को राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट में विक्रम भट्ट की ओर से एडवोकेट मुकुल रोहतगी और परिवादी डॉ. अजय मुर्डिया की ओर से एडवोकेट हर्ष सुराना ने पैरवी की। अब दोनों की नियमित जमानत पर अगली सुनवाई 18 फरवरी को होगी। हाईकोर्ट से जमानत खारिज होने पर सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी अर्जी परिवादी डॉ. अजय मुर्डिया के वकील मंजूर हुसैन ने बताया- 31 जनवरी 2026 को राजस्थान हाईकोर्ट ने भट्ट दंपती की जमानत याचिका खारिज की थी। इसके बाद दंपती ने सुप्रीम कोर्ट जाकर नियमित जमानत के लिए स्पेशल लीव पिटिशन दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए आज सुनवाई की। इसमें श्वेतांभरी भट्ट को अंतरिम जमानत दी गई है, लेकिन विक्रम भट्ट को राहत नहीं मिली। आज जेल से छूट सकती हैं श्वेतांभरी विक्रम भट्ट के केस जुड़े उदयपुर के वकील कमलेश दवे ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट से आदेश की कॉपी आने के बाद संबंधित कोर्ट एसीजेएम-4 उदयपुर में जमानत मुचलकों के लिए प्रार्थना-पत्र पेश किया जाएगा। जिसके बाद श्वेतांभरी के देर शाम तक जेल से छूटने की संभावना है। उदयपुर पुलिस मुंबई से पकड़कर लेकर आई थी 7 दिसंबर को उदयपुर डीएसपी छगन राजपुरोहित की 6 सदस्यीय टीम ने मुंबई पहुंचकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को उनके जुहू स्थित गंगाभवन कॉम्प्लेक्स के फ्लैट से गिरफ्तार किया था। यहां भट्ट के सुरक्षा गार्डों ने पुलिस को रोका भी था। सुरक्षा गार्डों ने पुलिस से कहा था कि साहब व उनकी पत्नी घर पर नहीं हैं। हालांकि पुलिस को हकीकत पता थी और दोनों गिरफ्तार कर लिए गए थे। व्यापारी की पत्नी की बायोपिक बनाने के नाम पर रुपए लिए राजस्थान के इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया ने 17 नवंबर को विक्रम भट्ट समेत 8 लोगों के खिलाफ 30 करोड़ की धोखाधड़ी की FIR उदयपुर में दर्ज कराई थी। डॉ. अजय मुर्डिया का आरोप है कि एक इवेंट में उनकी मुलाकात दिनेश कटारिया से हुई थी। दिनेश कटारिया ने उन्हें पत्नी की बायोपिक बनाने का प्रस्ताव दिया। इस सिलसिले में दिनेश कटारिया ने 24 अप्रैल 2024 को मुंबई स्थित वृंदावन स्टूडियो बुलाया था। कटारिया ने उन्हें विक्रम भट्ट से मिलवाया, जहां भट्ट से बायोपिक बनाने पर चर्चा हुई थी। कुछ दिन बाद विक्रम और श्वेतांबरी भट्ट ने डॉक्टर अजय मुर्डिया को कहा- 7 करोड़ रुपए और फाइनेंस करके वे 4 फिल्में 47 करोड़ में बना सकते हैं। इन फिल्मों की रिलीज से 100 से 200 करोड़ रुपए तक मुनाफा हो जाएगा। इसके बाद उनके स्टाफ में अमनदीप मंजीत सिंह, मुदित, फरजाना आमिर अली, अबजानी, राहुल कुमार, सचिन गरगोटे, सबोबा भिमाना अडकरी के नाम के अकाउंट में 77 लाख 86 हजार 979 रुपए ट्रांसफर करवाए। इस तरह 2 करोड़ 45 लाख 61 हजार 400 रुपए ट्रांसफर किए। वहीं इंदिरा एंटरटेनमेंट से 42 करोड़ 70 लाख 82 हजार 232 रुपए का भुगतान किया गया, जबकि चार फिल्मों का निर्माण 47 करोड़ में किया जाना तय हुआ था। …
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