डिंडोरी कलेक्टर न्यायालय ने करंजिया जनपद पंचायत के अध्यक्ष और सदस्य का पद रिक्त घोषित कर दिया है। यह आदेश जनपद सीईओ, जिला पंचायत सीईओ और पुलिस के प्रतिवेदनों के आधार पर सोमवार को पारित किया गया। जनपद अध्यक्ष चरण सिंह धुर्वे वर्तमान में एक अन्य मामले में जिला जेल में बंद हैं। प्रशासन ने आरोप लगाया है कि अध्यक्ष चरण सिंह धुर्वे जनपद की सामान्य सभा की बैठकों में लगातार अनुपस्थित रहे हैं, जिससे विकास कार्य प्रभावित हुए हैं। जनपद और जिला पंचायत सीईओ ने 25 दिसंबर 2023 को मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम की धारा 36(2) की कंडिका (ग) के तहत कार्रवाई के लिए कलेक्टर न्यायालय को प्रतिवेदन भेजा था। अध्यक्ष धुर्वे 13 फरवरी, 12 मार्च, 9 अप्रैल, 10 जून, 29 जुलाई और 15 सितंबर को बिना किसी पूर्व सूचना के सामान्य सभा की बैठकों में अनुपस्थित रहे। उनकी अनुपस्थिति के कारण 15वें वित्त की राशि की समीक्षा सहित अन्य विकास कार्य और शासकीय योजनाएं प्रभावित हुई हैं। पुलिस अधीक्षक ने 13 मार्च 2024 को प्रस्तुत प्रतिवेदन में बताया कि चरण सिंह धुर्वे (पिता बुद्धसेन, निवासी तरेरा) वर्ष 2002 से लगातार आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हैं। उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में 21 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इन मामलों में आम जनता और अधिकारियों को डराना, शासकीय कार्यालयों में अभद्रता करना और अवैध वसूली जैसे आरोप शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, समय-समय पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बावजूद उनके व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ। इससे यह सिद्ध होता है कि वह आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं, जो शांति भंग करने और अवैध वसूली जैसे कृत्यों में लिप्त हैं। निर्वाचित जनप्रतिनिधि होने का अर्थ यह नहीं कि उनके गैर-कानूनी कृत्यों को नजरअंदाज किया जाए। चरण सिंह के स्वतंत्र घूमने से समाज और जनपद क्षेत्र में शांति भंग होने तथा प्रशासनिक व्यवस्था बाधित होने की आशंका है। इसी आधार पर जिला दंडाधिकारी न्यायालय ने मध्य प्रदेश सुरक्षा एवं लोक व्यवस्था अधिनियम 1990 की धारा 5(क)(ख) के तहत उन्हें जिला बदर किया है। थाना प्रभारी ने 28 जनवरी 2024 को एक प्रतिवेदन में बताया कि आरोपी के खिलाफ 6 जनवरी 2024 को विभिन्न धाराओं (119(1), 296, 115(2), 351(2), 3(5)) के तहत एक नया अपराध दर्ज किया गया है। आरोपी गिरफ्तारी के डर से फरार है और उसे नोटिस की तामिली नहीं हो सकी है। अधिवक्ता जे आर बांधव ने रखा पक्ष
अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि पक्षकार चरण सिंह धुर्वे कलेक्टर आदेश दिनांक 10जनवरी2025को जिला बदर किए जाने से वह जनपद पंचायत की सामान्य सभा सहित अन्य बैठकों में शामिल नहीं हो सकता ।जनपद सी ई ओ को एक वर्ष के लिए जिले से बाहर रहने का आवेदन दिया और समस्त बैठके उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में सम्पन्न कराए जाने का आवेदन दिया था।पंचायत राज अधिनियम की धारा की 36(2)के प्रावधान के तहत यदि कोई पदाधिकारी अनुपस्थित रहने की इजाजत के लिए पंचायत में आवेदन देता है।और पंचायत आवेदन प्राप्त होने की तारीख से एक माह के अंदर आवेदक को जानकारी नहीं देता तो यह समझा जाता है कि इजाजत मिल गई है।पक्षकार ने नियमों का उल्लंघन नहीं किया है।
कलेक्टर न्यायालय का आदेश,पद रिक्त घोषित
कलेक्टर न्यायालय ने मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993की धारा36(2)(ग)के उपधारा,(3)के उपबंधों के अध्यधीन रहते हुए ऐसा पदधारी नहीं रह जाएगा।उनका पद रिक्त हो जाएगा।उक्त उपधारा के उपबंधों के अधीन चरण सिंह धुर्वे अध्यक्ष /जनपद सदस्य का पद रिक्त घोषित किया जाता है।
न्यायालय में अपील करेंगे
अधिवक्ता ने कहा कि चरण सिंह धुर्वे निर्वाचित जनप्रतिनिधि है । उन्होंने एक साल बाहर रहने का विधिवत जनपद सी ई ओ को आवेदन दिया है।न्यायालय का फैसला विधि संगत नहीं है।वरिष्ठ न्यायालय में अपील करेंगे। 5फरवरी को करंजिया पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था ,तब से जनपद अध्यक्ष चरण सिंह धुर्वे जिला जेल में बंद है।


