डिंडौरी में मां नर्मदा की महाआरती:श्रद्धालु भजनों पर झूमे और आतिशबाजी की, शहीद जवानों की याद में राष्ट्रीय गीत गाया

डिंडौरी के डैम घाट पर रविवार शाम नर्मदा जयंती के मौके पर महाआरती का आयोजन किया गया। इस दौरान घाट और मंदिर रोशनी से सजाए गए थे। कार्यक्रम में विधायक ओमकार मरकाम, कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया, एसपी वाहिनी सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। महाआरती के समय श्रद्धालु भजनों पर झूमे और घाट के दूसरी तरफ आसमान में आतिशबाजी की गई। सुरक्षा के लिए वहां पुलिस बल तैनात रहा। साथ ही घाट पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। स्वच्छता की शपथ दिलाई गई कार्यक्रम में मौजूद लोगों को नर्मदा घाट पर गंदगी न करने की शपथ दिलाई गई। इसके अलावा, शहीद जवानों की याद में राष्ट्रीय गीत गाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। आज नर्मदा प्रकट उत्सव पर मुख्य मंदिर को फूलों से सजाया गया है, जबकि घाटों पर युवतियों ने रंगोली बनाई। सुबह से ही श्रद्धालु मां नर्मदा के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल, एसडीआरएफ की टीम और राजस्व विभाग के अधिकारियों को तैनात किया गया है। 15 घाटों पर पुलिसबल तैनात एसडीओपी सतीश द्विवेदी ने बताया कि नगर और 15 घाटों पर लगभग 500 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें रीवा पीटीएस से 60 और बालाघाट से 70 पुलिसकर्मी शामिल हैं। नगर सुरक्षा समिति के सदस्य और कोटवार भी सहयोग कर रहे हैं। जेबकतरों पर नजर रखने के लिए 50 पुलिसकर्मी सादी वर्दी में तैनात किए गए हैं। घाटों पर एसडीआरएफ की टीम स्टीमर, नाव और रस्सियों के साथ मौजूद है। बड़े वाहनों पर रोक यातायात निरीक्षक सुभाष उईके ने जानकारी दी कि सुबह आठ बजे से कलेक्ट्रेट तिराहे से रानी अवंती बाई चौक और साकेत नगर तिराहे से रानी अवंती बाई चौक तक बाइक और चार पहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। चंद्र विजय कॉलेज, कोणार्क गार्डन, कस्तूरबा कन्या शाला मैदान और कलेक्ट्रेट खेल मैदान को स्थायी पार्किंग स्थल बनाया गया है। केंद्रीय विद्यालय मैदान, डीपीएस स्कूल और मंडला बस स्टैंड पर अस्थायी पार्किंग की व्यवस्था है। बुजुर्ग और दिव्यांगों के लिए ई-रिक्शा मुड़की से अमरकंटक और जबलपुर की ओर जाने वाले वाहनों के लिए रूट डायवर्ट किए गए हैं। बुजुर्गों और दिव्यांगों को नर्मदा दर्शन और आवागमन के लिए 20 ई-रिक्शा चलाए जा रहे हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नर्मदा दर्शन के लिए पैदल आएं।

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