डिंपल बोलीं- अडाणी मुद्दे से हमें कोई लेना-देना नहीं:सदन चलना चाहिए; सपा ने कांग्रेस से किया किनारा, भाजपा को दी नसीहत

समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने बुधवार को दिल्ली में कहा, ‘हम न तो सोरोस मुद्दे के साथ हैं और न ही अडाणी मुद्दे के साथ। हमारा मानना ​​है, सदन चलना चाहिए। हमें उम्मीद है, दोनों पक्षों (NDA और INDIA) के लोग सदन के कामकाज के प्रति समर्पण दिखाएंगे। समाजवादी पार्टी चाहती है कि सदन चले।’ सपा सांसद ने साफ किया कि समाजवादी पार्टी संविधान को लेकर सदन में होने वाली चर्चा में भी हिस्सा लेगी। उन्होंने कहा कि शुक्रवार-शनिवार को सदन में संविधान पर चर्चा होनी है। समाजवादी पार्टी उसमें हिस्सा लेगी, हमें उम्मीद है कि सदन चलेगा। डिंपल का बयान संसद के मौजूदा गतिरोध के बीच आया है, जिसमें कांग्रेस अडाणी मुद्दे पर जेपीसी की मांग कर रही है। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने डिंपल के बयान को लेकर तंज कसा है। उन्होंने कहा, ‘INDIA गठबंधन में एकमत नहीं होगा, क्योंकि वहां हर पार्टी के लोग हैं। एक साल से ज्यादा दिन गठबंधन को बने हो गए हैं, लेकिन उनका संयोजक नहीं बना है। इनमें एकमत नहीं है।’ खबर आगे पढ़ने से पहले भास्कर पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दे सकते हैं… राम गोपाल ने कहा- कांग्रेस कहीं अच्छा परफॉर्म कर नहीं पाई इससे पहले सपा के राष्ट्रीय महासचिव राम गोपाल यादव ने कांग्रेस को लेकर बड़ा बयान दिया था। 8 दिसंबर को राम गोपाल ने सैफई में कहा था, समाजवादी पार्टी चाहती है कि इंडी गठबंधन कायम रहे और हम साथ मिलकर चुनाव लड़ें। अभी तो गठबंधन के नेता खड़गे साहब (मल्लिकार्जुन खड़गे) हैं। राहुल गांधी तो अभी इंडी गठबंधन के नेता नहीं हैं। चाहे लोकसभा का चुनाव हो या विधानसभा का, कांग्रेस कहीं अच्छा परफॉर्म कर नहीं पाई। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस हिमाचल प्रदेश में चार की चार सीटें हार गई। कर्नाटक में इनकी सरकार है, वहां भी आधी सीटें हार गए। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में अगर ठीक परफॉर्मेंस हो जाता, तो आज मोदी प्रधानमंत्री होते ही नहीं। इंडी गठबंधन है, ठीक है और रहना चाहिए। बिना गठबंधन के इन तिकड़मी में लोगों को हराया नहीं जा सकता है। संसद में सिटिंग अरेंजमेंट को लेकर कांग्रेस-सपा में तकरार
संसद में सपा और कांग्रेस सांसदों के सिटिंग अरेंजमेंट को लेकर दोनों पार्टियों के बीच तकरार चल रही है। सपा सुप्रीमो और सदन में देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को 8वें ब्लॉक से छठे ब्लॉक में शिफ्ट कर दिया गया। बीते दिनों सपा ने खुले तौर पर नाराजगी का इजहार किया। अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि धन्यवाद कांग्रेस! अब कयास लगाए जाने लगे हैं कि 2027 में यूपी का विधानसभा चुनाव सपा और कांग्रेस या इंडी गठबंधन शायद ही एकजुट होकर लड़ सके। संसद का शीतकालीन सत्र 25 नवंबर से शुरू हुआ, जो 20 दिसंबर को खत्म हो जाएगा। लेकिन, न तो संसद चल पा रही है और न ही किसी मुद्दे पर सहमति बन पा रही है। कांग्रेस अडाणी मुद्दे पर मोदी सरकार को घेर रही है, तो भाजपा जॉर्ज सोरोस का मुद्दा उठाकर कांग्रेस पर काउंटर कर रही है। लगातार हंगामे के कारण इस सत्र में कोई विशेष कामकाज नहीं हो पाया है। ———————– यह खबर भी पढ़िए… ‌BJP नेता के लव जिहाद में फंसी लड़की की कहानी:यूपी में हिंदू बनकर शादी की, मेरे पैसे पर ऐश किया, बोला-शिवभक्त हूं ‘शादी के 5 दिन बाद ही पता चल गया था कि जिससे शादी हुई है, वह हिंदू नहीं मुस्लिम है। मैंने घर पर बताया। घरवालों ने कहा कि छोड़कर चली आओ। मैंने समाज और परिवार की बदनामी के बारे में सोचकर घर जाना ठीक नहीं समझा। 2 साल बीते। मेरे ऊपर धर्म परिवर्तन का प्रेशर पड़ने लगा। मैं धर्म बदलने को तैयार नहीं थी, इसलिए मेरा अबॉर्शन करवा दिया गया। मैं बुरी तरह से फंस गई हूं। न्याय चाहती हूं…।’ पढ़ें पूरी खबर…

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