भास्कर न्यूज | टोंक डिग्गी में मिलावटी दूध के बड़े गिरोह के खुलाने के एक माह बाद भी प्रकरण में मुख्य वांछित आरोपी (संचालक) पुलिस गिरफ्त से बाहर है। डीएसटी की छापामार कार्रवाई के दौरान 5500 लीटर नकली दूध सहित के अलावा बड़ी मात्रा में नकली दूध बनाने की सामग्री जब्त करने के साथ ही मौके से पांच लोगों और उसके एक अन्य आरोपी को बाद में गिरफ्तार किया था। परंतु लगातार दबिश के बावजूद जिसके नाम से फर्म संचालित है, वह वांछित आरोपी बहरोड (अलवर) निवासी सोनू यादव क तलाश जारी है। जांच अधिकारी (मोर थाना प्रभारी) मुकेश कुमावत ने बताया कि फरार चल रहे मुख्य आरोपी का मोबाइल लगातार बंद आ रहा है, इसलिए लोकेशन पता नही लग पाई है। हालांकि मालपुरा डीएसपी की ओर से गठित विशेष टीम के जरिए उसके बहरोड अलवर के अलावा जयपुर में, जहां वह किराए से रहता था और डिग्गी स्थित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। जांच अधिकारी ने बताया कि नकली दूध की फैक्ट्री संचालन के प्रकरण में जांच के दौरान गोपालपुरा (सीकर) के अजीतगढ़ निवासी और साबर डेयरी सोनवा में सैंपलिंग का काम करने वाले केमिस्ट विनोद कुमार यादव को सैंपलिंग में मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी की तलाश के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। वही 5 मार्च को डीएसटी की निवाई में छापामार कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में 400 किलो पाम ऑयल के साथ-साथ कई नामी ब्रांड्स के पैकेट्स में 300 किलो से ज्यादा संदिग्ध घी बरामद कर एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया था। अब यह तक ये हो चुके गिरफ्तार : मालपुरा के पीनणी रोड स्थित सुनसान इलाके में स्थित अवैध फैक्ट्री पर पुलिस के विशेष दल की कार्रवाई के दौरान बांदर सिंदरी (अजमेर) थानांतर्गत खंडाज निवासी 21 वर्षीय राजू, अराई के डसूक निवासी 22वर्षीय महिपाल व कटसुरा निवासी 25 वर्षीय शिवराज, भिनाय थाना क्षेत्र के छोटी कनाई निवासी 45वर्षीय आेमप्रकाश व टोंक जिले के कठमाणा निवासी 22 वर्षीय कालू मेघवंशी मौके से गिरफ्तार हुए थे। जिनके खिलाफ डिग्गी थाने में प्रकरण दर्ज किया गया था। दो दिन बाद साबर डेयरी (सोनवा) के केमिस्ट विनोद कुमार यादव को डेयरी से गिरफ्तार कर लिया था। मुख्य आरोपी सोनू यादव की फर्म से चिकित्सा विभाग ने सिर्फ कई बार नमूने लिए, बल्कि जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर जुर्माना भी लगा चुका है। कार्रवाई से पूर्व पिछले कुछ सालों में लिए 7 नमूनों में एक असुरक्षित, तीन अवमानक मिले थे। 2023 में लिए नमूने मिलावटी पाए जाने पर एडीएम कोर्ट में उसपर 15 हजार, 27 अप्रैल 2025 को लिए नमूना अवमानक मिलने पर एडीएम कोर्ट से 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया था। ऐसे में उसकी गिरफ्तारी के बाद नकली दूध बनाने और सप्लाई करने वाले पूरे नेटवर्क के नए तथ्य भी सामने आएंगे। यह था मामला : डीएसटी को मुखबीर के जरिए मिली सूचना के बाद 2 फरवरी की रात की गई छापामारी में 2100 लीटर सोयाबीन ऑयल, 500 डालडा घी, 550 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर, 2500 किलो लैक्टोजा मोनोहाइड्रेट, 105 किलो कास्टिक सोडा बरामद किया था। साथ ही दूध का टैंकर और 5500 लीटर मिलावटी दूध और 5 पिकअप, जो दूध से भरी थी जब्त की गई है। उस समय सामने आया कि था उक्त अवैध फैक्ट्री से रोजाना 80 हजार लीटर दूध जयपुर, अजमेर व टोंक जिले में सप्लाई किया जा रहा था।


