डिजिटल प्लेटफार्म पर उपलब्ध सभी विषय की गुणवत्तापूर्ण सामग्री

भास्कर न्यूज | ​जशपुरनगर सूचना क्रांति के इस दौर में जशपुर जिले ने उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में एक बड़ी पहल की है। जिले के अग्रणी कॉलेज की पहल पर जेएलआइएसनेट (जशपुर लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन साइंस नेटवर्क) की शुरुआत हुई है। यह नेटवर्क जिले के सभी शासकीय कॉलेजों को एक डिजिटल सूत्र में जोड़ते हुए विद्यार्थियों के लिए ज्ञान के स्रोत 24 घंटे और सातों दिन खोल रहा है। एनईएस कॉलेज के लाइब्रेरियन डॉ विश्वनाथ सिंह ने बताया कि जेएलआइएसनेट केवल एक पोर्टल नहीं, बल्कि एक ‘कम्युनिटी ऑफ प्रैक्टिस’ है। इसका उद्देश्य पारंपरिक पुस्तकालयों की सीमाएं खत्म कर ई-संसाधनों को सुदूर क्षेत्रों तक पहुंचाना है। अब छात्रों को शोध पत्रिकाओं या संदर्भ पुस्तकों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। वे घर बैठे स्मार्टफोन के माध्यम से वैश्विक ज्ञान भंडार से जुड़ सकेंगे। ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए डिजिटल सेतु जशपुर जैसे भौगोलिक दूरी वाले क्षेत्र में संसाधनों की कमी अक्सर मेधावी छात्रों के सामने बाधा बनती है। डॉ विश्वनाथ ने कहा कि जेएलआइएसनेट शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच के डिजिटल अंतर को कम कर समान अवसर देगा। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों को धरातल पर उतारने और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को मजबूत करने वाला कदम है। पीएम के ‘जय अनुसंधान’ के आह्वान और केंद्र सरकार की ‘वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन’ योजना को भी यह नेटवर्क जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाएगा। इसके माध्यम से छात्र न केवल शोध करना सीखेंगे, बल्कि संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करना भी जानेंगे। अब पुस्तकालय केवल किताब जारी करने का केंद्र नहीं रहेंगे, बल्कि नवाचार और ज्ञान के केंद्र के रूप में पहचाने जाएंगे। छात्रा रुक्मणि सिंह ने बताया कि इस डिजिटल नेटवर्क के माध्यम से छात्र आसानी से ई-रिसोर्स, पाठ्यक्रम आधारित ई-बुक, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ई-जर्नल देख सकते हैं। इस नेटवर्क में शोध सहायता के लिए रिसर्च मैट्रिक्स, साहित्यिक जांच के लिए प्लेजरिज्म चेक और डेटा विश्लेषण के टूल उपलब्ध हैं। ओपन एक्सेस संसाधनों में दुनिया भर के मुफ्त शोध डेटाबेस और ओपन साइंस प्लेटफार्म की जानकारी दी जा रही है। कुनकुरी के छात्र देवेंद्र भगत ने बताया कि इस माध्यम में गुणवत्तापूर्ण वीडियो लेक्चर और विशेषज्ञों द्वारा तैयार पीडीएफ ट्यूटोरियल भी उपलब्ध हैं। इससे जिले के छात्रों को परीक्षा और शोध दोनों में सुविधा मिल रही है। विषय से संबंधित समस्याओं का समाधान भी विशेषज्ञ डिजिटल माध्यम से तुरंत करते हैं।

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