भास्कर न्यूज | अमृतसर पंजाब सरकार द्वारा घोषित नई औद्योगिक नीति के तहत इलेक्ट्रिक व्हीकल, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमी कंडक्टर, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल और एग्रो-वेस्ट जैसे नए सेक्टर को शामिल करना एक सकारात्मक और दूरदर्शी कदम है। इससे पंजाब में आधुनिक उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। जीएसटी प्रैकटिशनर्स एसो के प्रधान विकास खन्ना ने कहा कि मौजूदा अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध की स्थिति के मद्देनजर पेट्रोल-डीजल की किल्लत की संभावना एवं मौजूदा प्रदेश के मंदी के दौर से गुजर रहे व्यापार को पटरी पर लाने के लिए ईवी जैसे प्रोडेक्टस को परिचित करवाकर व्यापारियों को प्रोत्साहन करना सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि मौजूदा व आगामी युग ईवी युग हो सकता है, इस युग के दौरान इलेक्ट्रिक व्हील के निर्माण व ट्रेडिंग से व्यापारियों के साथ साथ जनता व सरकार को भी फायदा होगा। नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। इन क्षेत्रों के आने से राज्य में सप्लाई चेन और सहायक उद्योग भी बढ़ेंगे, जिससे जीएसटी के दायरे में अधिक व्यापारी आएंगे, और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। फोकल प्वाइंट इंडस्ट्रियल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान संदीप खोसला ने सरकार की नई उद्योग नीति का स्वागत करते हुए कहा है कि सरकार को डिवरसीफिकेशन बिजनेस पर सबसिडी प्रदान करने की सिफारिश की गई थी जो सरकार ने स्वीकार कर ली है। इस नीति में इसे भी शामिल किया गया है, यह स्वागत योग्य कदम है। उन्होंने डिवसीफिकेशन को परिभाषित करते हुए बताया कि अगर किसी उद्योगपति का रनिंग बिजनेस नहीं चल पाता है या फेल हो जाता है, ऐसी स्थिति में वह बिजनेस केटागिरी पूरी तरह से परिवर्तित कर लेता है तो उस दौरान भी नए बिजनेस शुरु करने पर भी कारोबारी को सबसिडी प्रदान वैसे ही की जानी चाहिए जैसे पहले बिजनेस पर की जाती थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसे डिवरसीफाइड बिजनेस को भी सबसिडी देने की उनकी मांग को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक के निर्माण की अधिकांश वस्तुओं पर सरकारों द्वारा पाबंदी लगाई गई है ऐसे में यह मैन्युफेक्चरिंग बंद होने के कगार पर है, इसलिए दूसरी इंडस्ट्री लगाने की सूरत पर अब इस सबसिडी का प्रावधान रखा गया है। सीए यथार्थ सहगल ने नई नीति का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार को नए उद्योग स्थापित करने की सरल प्रक्रिया की तरफ भी ध्यान देना होगा। जीएसटी के दायरे में नए व्यापारी तो तभी बढेंगे अगर जीएसटी प्रक्रिया तथा नए उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया का भी सरलीकरण हो। सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि उद्योगों को सरल प्रक्रिया के तहत व्यापारियों को प्रोत्साहन मिले ताकि निवेशक पंजाब में निवेश के लिए उत्साहित हों। उद्योग लगाने की सरल प्रक्रिया की ओर भी ध्यान देना चाहिए।


