भास्कर न्यूज | जालंधर रेलवे स्टेशन पर सफाई और खाद्य सुरक्षा के दावे केवल अधिकारियों के निरीक्षण तक सीमित नजर आ रहे हैं। शनिवार को डीआरएम संजीव कुमार के दौरे के दौरान जो स्टेशन चमकता हुआ दिखाई दे रहा था, सोमवार को वही फिर पुराने ढर्रे पर लौट आया। निरीक्षण से पहले वेंडरों ने खाने-पीने की वस्तुओं को ढककर रखा था और डिस्प्ले विंडो बंद कर दी गई थीं। लेकिन सोमवार को स्टेशन परिसर में कई वेंडरों के पास खाद्य सामग्री बिना ढके पाई गई। जिन विंडो को शनिवार को बंद रखा गया था, उनमें खुलेआम भटूरे और अन्य खाद्य पदार्थ रखे नजर आए। धूल-मिट्टी के बीच खुले में बिक रहा यह सामान यात्रियों की सेहत के साथ खिलवाड़ है। इससे साफ है कि वेंडरों में रेलवे प्रशासन का कोई डर नहीं है और निरीक्षण खत्म होते ही लापरवाही फिर शुरू हो जाती है।


