डीग नगर परिषद ने बकाया नगरीय विकास कर (यूडी टैक्स) की वसूली में सख्ती दिखाई है। वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले, परिषद ने शहर के पांच मैरिज होम संचालकों को कुल 31 लाख 85 हजार 481 रुपए के बकाया यूडी टैक्स के लिए अंतिम नोटिस जारी किए हैं। ये नोटिस कपूर पैलेस मैरिज होम, विमल वाटिका मैरिज होम, मनीषा मैरिज होम, राजपूताना मैरिज होम और मुकुंदी सेवा सदन को दिए गए हैं। नोटिस मिलने के बाद मैरिज होम संचालकों में हड़कंप मच गया है। नगर परिषद अधिकारियों के अनुसार, यदि निर्धारित समय-सीमा में बकाया राशि जमा नहीं कराई जाती है, तो संबंधित मैरिज होम को सीज करने की कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 के तहत नियमानुसार कानूनी कदम भी उठाए जाएंगे। 5 दिन में जमा कराना होगा बकाया
परिषद ने इन पांचों मैरिज गार्डनों को वर्ष 2007-08 से वित्तीय वर्ष 2025-26 तक के नगरीय विकास कर का हिसाब देते हुए नोटिस जारी किए हैं। अधिकारियों ने बताया कि कुछ संचालकों ने पूर्व में आंशिक राशि जमा कराई है, जिसके लिए रसीदें मांगी गई हैं ताकि समायोजन किया जा सके।
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि बकाया राशि 5 दिनों के भीतर जमा करानी होगी। साथ ही, मैरिज होम का पंजीकरण भी सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा। शहर के गोवर्धन रोड, भरतपुर रोड, नगर रोड, मेला मैदान और कामां रोड सहित अन्य क्षेत्रों में लगभग एक दर्जन मैरिज होम संचालित हैं, जिन पर भी यूडी टैक्स बकाया है। नगर परिषद ने वित्तीय वर्ष के अंतिम सप्ताह में वसूली के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है, और अन्य मैरिज होम संचालकों को भी जल्द ही नोटिस जारी किए जाएंगे। राशि नहीं भरी तो होगी सीज की कार्रवाई
नगर परिषद आयुक्त कुलदीप सिंह ने बताया कि यदि समय रहते बकाया कर जमा नहीं कराया गया तो संबंधित परिसरों को सीज कर दिया जाएगा। साथ ही नियमानुसार आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।
नगर परिषद की इस सख्ती के बाद मैरिज होम संचालकों में खलबली मची हुई है और कई संचालक बकाया टैक्स के निपटारे में जुट गए हैं।


