राजस्थान में भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल का तीसरा बजट पेश किया। उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बजट प्रस्तुत करते हुए विद्यार्थियों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। इसके अतिरिक्त, भरतपुर में बाढ़ सुरक्षा कार्यों और डीग में नए एयरपोर्ट के लिए व्यवहार्यता अध्ययन (फिजिबिलिटी स्टडी) की घोषणा भी की गई। बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया। गंभीर मरीजों और दुर्घटना के मामलों में तत्काल इलाज के लिए ‘राज सुरक्षा’ नामक नई योजना शुरू की जाएगी। इसके तहत, राजमार्गों पर रेस्ट सेंटरों पर एंबुलेंस तैनात की जाएंगी। आत्महत्याओं को रोकने और मानसिक स्वास्थ्य के लिए ‘राज ममता’ कार्यक्रम शुरू होगा, जिसके तहत जिला अस्पतालों में मेंटल हेल्थ केयर सेंटर खोले जाएंगे और कॉलेजों में काउंसलर उपलब्ध होंगे। प्रत्येक ग्राम पंचायत में आरोग्य शिविर लगाए जाएंगे। जिन मरीजों के पास आवश्यक दस्तावेज नहीं हैं, उन्हें भी मुफ्त इलाज मिलेगा। अस्पतालों में मौत होने पर शव को घर तक निःशुल्क पहुंचाने के लिए ‘मोक्ष वाहिनी’ योजना शुरू की जाएगी। शिक्षा और युवा कल्याण के लिए भी कई घोषणाएं हुईं। कक्षा 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्रों को लैपटॉप के लिए ई-वाउचर के माध्यम से 20 हजार रुपए तक की सहायता राशि दी जाएगी। सभी स्कूलों में शौचालय बनाए जाएंगे और पंचायत स्तर पर यूथ गेम्स का आयोजन किया जाएगा। शहरी निकायों में नई लाइटें लगवाई जाएंगी। टिंकरिंग लैब को टेक्नो हब के रूप में विकसित करने की भी घोषणा की गई। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले दो बजट में की गई कई घोषणाएं अभी तक धरातल पर नहीं उतर पाई हैं। सिटी बस सेवा, शहरी पेयजल योजना और सड़क सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं अभी भी लंबित हैं। जनता को नई घोषणाओं के साथ-साथ पुरानी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की भी उम्मीद है।


