डीग में सरकारी भूमि का फर्जी पट्टा अवैध घोषित:नगर परिषद करेगी निरस्त, फर्जी दस्तावेजों से हुआ था जारी

डीग ममें गोवर्धन गेट क्षेत्र में सरकारी भूमि पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जारी एक पट्टे को नगर परिषद की जांच में अवैध घोषित कर दिया गया है। प्रशासन शहरों के संग अभियान के तहत जारी इस पट्टे को स्टेट ग्रांट एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया है। नगर परिषद अब इसे निरस्त कर भूमि पर पुनः सरकारी कब्जा लेने की प्रक्रिया शुरू कर रही है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, शहरों के संग अभियान 2012 के दौरान यह पट्टा गोवर्धन गेट निवासी बलवीर पुत्र चुन्नीलाल ठाकुर के नाम 10 अप्रैल 2013 को क्रमांक 121 से जारी किया गया था। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि पट्टा जारी करने में नियमों की गंभीर अवहेलना हुई थी। जांच में यह भी सामने आया कि बलवीर की मौत के बाद उनके बेटे साहब सिंह ने भूखंड के एक हिस्से (77.77 वर्ग गज) को 14 अगस्त 2015 को पंजीकृत दानपत्र के माध्यम से अपने पुत्र नितेश सिंह को दान कर दिया। शेष 77.77 वर्ग गज भूमि टीकम सिंह और भगवान सिंह द्वारा पंजीकृत रिलीज डीड के जरिए कप्तान सिंह के नाम हस्तांतरित की गई। इसके बाद, नितेश सिंह और कप्तान सिंह ने मिलकर 28 जनवरी 2016 को संपूर्ण भूखंड में से 91.86 वर्ग गज भूमि पंजीकृत बयनामा के जरिए अऊ गेट निवासी इंद्र सिंह को बेच दी। हालांकि, जांच के दौरान भूखंड पूरी तरह खाली पाया गया, जिस पर न कोई कब्जा था और न ही कोई रहवास। रिपोर्ट में बताया गया है कि मौके पर न तो चारदीवारी है, न कोई स्थायी निर्माण और न ही 30 प्रतिशत से अधिक निर्माण कार्य। यह स्थिति स्टेट ग्रांट एक्ट 1961 के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। जांच में यह भी उल्लेख किया गया है कि बलवीर पुत्र चुन्नीलाल ने फर्जी दस्तावेजों और पत्रों के आधार पर यह पट्टा हासिल किया था। नगर पालिका द्वारा ऐसे मामलों में पूर्व में भी अखबारों के माध्यम से सूचना प्रकाशित कर पट्टे निरस्त किए जा चुके हैं। लिंक दस्तावेज नहीं मिले
इसके अलावा भूखण्ड के 77.77 वर्ग गज हिस्से का बलवीर से टीकम सिंह एवं भगवान सिंह तक वैध हस्तांतरण दर्शाने वाला कोई लिंक दस्तावेज उपलब्ध नहीं पाया गया। वहीं, प्रश्नगत भूमि पर नगर पालिका द्वारा निर्मित बाउंड्री वॉल के संबंध में लेखा शाखा एवं निर्माण शाखा से स्पष्टीकरण भी प्राप्त किया गया है।
नगर परिषद ने संकेत दिए हैं कि नियमानुसार कार्रवाई करते हुए पट्टा निरस्त कर सरकारी भूमि पर कब्जा लिया जाएगा।

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