डीग शहर में गुरुवार को पूर्व स्वतंत्रता सेनानी एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पण्डित मोहनस्वरूप मौनी की 27वीं पुण्यतिथि उनके निवास पर श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिनेश मौनी ने पं. मोहनस्वरूप मौनी के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पं. मौनी ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध 18 बार संघर्ष किया और जेल गए।
वर्ष 1936 में लक्ष्मण मंदिर के सामने तिरंगा फहराने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार कर आगरा जेल भेजा गया था। पं. मौनी 1960 से 1967 तक भरतपुर जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष भी रहे। इसके अतिरिक्त, वे नगर पालिका डीग के दो बार चेयरमैन पद पर भी आसीन रहे। प्रतिमा स्थापित करने की मांग
सभी उपस्थित लोगों ने सर्वसम्मति से एक महत्वपूर्ण मांग रखी। उन्होंने पूर्व स्वतंत्रता सेनानी स्व. पं. मोहनस्वरूप मौनी की प्रतिमा राजकीय पण्डित मोहनस्वरूप मौनी जिला चिकित्सालय परिसर में स्थापित करने की अपील की। इसके लिए राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री से शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रभक्ति के संकल्प और स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों को आत्मसात करने के संदेश के साथ हुआ। इस अवसर पर एडवोकेट अशोक कुमार शर्मा (जिलाध्यक्ष, विधि विभाग एवं असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस, डीग), भगवान सिंह कोली (जिलाध्यक्ष, सेवादल), विक्रम सिंह एडवोकेट, प्रताप सिंह गुर्जर (जिलाध्यक्ष), राजेश पायलेट (किसान संगठन, डीग), महेन्द्र, राजेश सिंह (कुम्हेर), सुक्का राम कोली सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता एवं सामाजिक प्रतिनिधि मौजूद रहे।


