डीटीपी इंफोर्समेंट की बड़ी कार्रवाई:सुनपेड व मलेरना गांव में 14 एकड़ में डेवलप की जा रहीं तीन अवैध कालोनियां ध्वस्त, सभी निर्माण जमींदोज

डीटीपी इंफोर्समेंट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सुनपेड और मलेरना गांव में 14 एकड़ में डेवलप की जा रहीं तीन अवैध कालोनियों को ध्वस्त कर दिया। यहां किए गए सभी निर्माणों को तोड़ दिया गया। डीटीपी इंफोर्समेंट कुछ समय से अवैध कालोनी काटने वालों के खिलाफ लगातार बड़े स्तर पर कार्रवाई कर रहा है। सुनपेड व मलेरना गांव में 14 एकड़ में प्लाटिंग कर डेवलप की जा रहीं अवैध कालोनियों के बारे में विभाग को शिकायतें मिली थीं। इसके बाद विभाग ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की। मौके पर विभाग का दस्ता पहुंचते ही हड़कंप मच गया। डीटीपी इंफोर्समेंट अधिकारी राहुल सिंगला के अनुसार कार्रवाई के दौरान तीन स्ट्रक्चर, 55 डीपीसी, तीन बाउंड्री वाल और कालोनियों के रोड नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल मौजूद था, जिससे किसी ने कार्रवाई का विरोध करने की जुर्रत नहीं की। डीटीपी इंफोर्समेंट की लगातार चल रही कार्रवाई: डीटीपी इंफोर्समेंट अधिकारी सिंगला जब से यहां आए हैं तब से लगातार अवैध कालोनियों के खिलाफ तोड़फोड़ की जा रही है। इतने बड़े स्तर पर अभी तक किसी भी डीटीपी ने कार्रवाई नहीं की। पहली बार है जब इतने बड़े स्तर पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। पहले यह होता था कि जब विभाग का दस्ता कार्रवाई के लिए जाता था तब बड़े लोगों के फोन आने के बाद थोड़ी बहुत औपचारिक कार्रवाई कर दस्ता लौट जाता था। लेकिन डीटीपी सिंगला बेखौफ अपनी कार्रवाई को अंजाम दे रहे हैं। अवैध कालोनियों के खिलाफ लगातार हो रही कार्रवाई से भूमाफिया और कालोनाइजर काफी परेशान हैं। अवैध कालोनियां न पनपने देने की चेतावनी: हालांकि जब भी कहीं अवैध कालोनियों को तोड़ने की कार्रवाई होती है तो उसे डेवलप करने वाले भूमाफिया व कालोनाइजर अपने स्तर पर कार्रवाई को रुकवाने की कोशिश करते हैं। लेकिन डीटीपी के सख्त रवैये के कारण तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं रुकती। डीटीपी इंफोर्समेंट अधिकारी सिंगला ने भूमाफियाओं व अवैध कालोनी काटने वालों को चेतावनी दी है कि अवैध गतिविधि किसी भी कीमत पर नहीं चलने दी जाएगी। कालोनी वही कटेगी व डेवलप होगी, जो सभी नार्म्स पूरा करेगी। डीटीपी इंफोर्समेंट अधिकारी ने शहरवासियों से आह्वान किया कि वे भूमाफियाओं के झांसे में न आएं। निवेश करने से पहले संबंधित विभाग और उसकी वेबसाइट को देख लें कि संबंधित कॉलोनाइजर ने लाइसेंस या अनुमति ली है या नहीं। यदि जानकारी सही है तो ही प्रापर्टी खरीदें।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *