रांची के इन अधिकारियों पर वित्तीय अनियमितता के आरोप राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। राज्य भर में एनएचएम के 52 पदाधिकारी और कर्मियों की वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी गई है। इन सभी के खिलाफ अनुशासनात्मक जांच चल रही है। रांची में एनएचएम के जिला प्रोग्राम कॉर्डिनेटर (डीपीएम) प्रवीण कुमार सिंह और जिला लेखा पदाधिकारी तारापद कोईरी इस मामले में प्रमुख हैं। दोनों पर सरकारी राशि के दुरुपयोग, नियमों को ताक पर रखकर निविदा प्रक्रिया, रिश्तेदारों की फर्म को काम देने और बिना कार्य व आपूर्ति के भुगतान करने के आरोप हैं। मामला सामने आने के बाद विभाग ने 11 नवंबर 2025 को पत्र संख्या 2779 (आरसीएच) जारी कर जांच का आदेश दिया था। इसके लिए एक जांच कमेटी बनाई गई है, जिसके नोडल पदाधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार सिन्हा हैं। मिशन डायरेक्टर शशि प्रकाश झा ने कहा- एक माह के भीतर जांच रिपोर्ट मांगी गई है। फिलहाल 52 पदाधिकारी और कर्मी जांच के दायरे में हैं। राकेश कुमार राय (जिला प्रोग्राम कॉर्डिनेटर, टीबी) पर पीसीपीएनडीटी (गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक, लिंग चयन प्रतिषेध) का अवैध रूप से प्रभार मिला। अल्ट्रासाउंड संचालकों और चिकित्सकों से भयादोहन कर लाखों रुपए प्रतिमाह अवैध वसूली के आरोप की जांच चल रही है। अजय कांशी (ब्लॉक अकाउंट मैनेजर, अनगड़ा सीएचसी) पर सरकारी राशि के गबन की जांच चल रही है। डॉ. पर्ल एस्थर मिंज (प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, कांके) और रिंकी कुमारी चौधरी (ब्लॉक अकाउंट मैनेजर) पर वित्तीय अनियमितता के आरोप हैं। जांच चल रही है। नई व्यवस्था: अब कार्य मूल्यांकन के बाद ही वेतन वृद्धि बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के बाद सरकार ने इस वर्ष से नई व्यवस्था लागू की है। अब एनएचएम के पदाधिकारियों और कर्मियों को कार्य मूल्यांकन (परफॉर्मेंस अप्रेज़ल) के बाद ही वेतन वृद्धि मिलेगी। इसके लिए स्वास्थ्य सचिव की सहमति अनिवार्य होगी। कर्मियों के मूल्यांकन से जुड़ी फाइल विभाग पहुंचने पर स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार ने भ्रष्टाचार के आरोप झेल रहे कर्मियों की वेतन वृद्धि पर तत्काल रोक लगा दी और तेजी से जांच पूरी करने का निर्देश दिया।


