आईएएस : कटेसरिया और भटनागर के लिफाफे बंद आईपीएस : 1 एडीजी, पांच आईजी के पद पर आएंगे नए साल में प्रदेश को नए प्रमुख सचिव, सचिव, अतिरिक्त सचिव के साथ एडीजी, आईजी, डीआईजी मिलने वाले हैं। मंगलवार को मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में डीपीसी की बैठक हुई। इसमें अलग-अलग बैच के प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया। एडिशनल सेक्रेटरी के पद के लिए रखे गए 2012 के नामों में अजय कटेसरिया और तरुण भटनागर का लिफाफा बंद रहने वाला है। इनके मामले में विभागीय स्तर पर कार्यवाही चल रही है। दो प्रमुख सचिव, 19 सचिव, 33 एडिशनल सेक्रेटरी मिलेंगे प्रमोट होने वाले 2 प्रमुख सचिव में नवनीत मोहन कोठारी और पी. नरहरि शामिल हैं। सचिव के पद पर प्रमोट होने वालों में प्रियंका दास, अविनाश लवानिया, तरुण कुमार पिथोड़े, सुफिया फारुकी वली, अभिषेक सिंह, धनराजू एस, इलैया राजा टी, प्रीति मैथिल, अजय गुप्ता, अमित तोमर, तेजस्वी एस नायक, श्रीकांत बनोठ, शैलबाला मार्टिन, वंदना वैद्य, अनुभा श्रीवास्तव, प्रबल सिपाहा, सतेंद्र सिंह और मनीष सिंह के साथ शशि भूषण सिंह शामिल हैं। शशि भूषण दिसंबर में ही रिटायर हो रहे हैं, संभव है कि इन्हें प्रमोशन के बाद का लाभ समय पर मिल जाएगा। एडिशनल सेक्रेटरी के लिए कुल 33 नामों पर विचार हुआ। सिर्फ दो नाम अजय कटेसरिया व तरुण भटनागर को छोड़कर सभी नाम क्लियर हो गए। कटेसरिया वर्तमान में सामान्य प्रशासन विभाग में हैं, जबकि भटनागर पशुपालन में पदस्थ हैं। वर्ष 2021 बैच के आईएएस अधिकारियों को सलेक्शन ग्रेड मिला है। वे एडिशनल कलेक्टर के पद पर प्रमोट होंगे। एक एडीजी के साथ पांच आईजी-11 डीआईजी का होगा प्रमोशन आईजी व इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह अब नए साल में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बनेंगे। डीपीसी में उनका नाम क्लियर हो गया। इसके अलावा डीआईजी से आईजी के पद पर पांच अफसर प्रमोट होंगे। इनमें सचिन कुमार अतुलकर, रुचिका जैन, कुमार सौरभ, कृष्णावेनी देसावातु और जगत सिंह राजपूत शामिल हैं। वर्ष 2010 बैच को एसपी से डीआईजी की श्रेणी में रखा गया। इस बैच में पूर्व में कुछ अफसर डीआईजी बन चुके हैं। मंगलवार को डीपीसी में विजय खत्री, विनीत कुमार जैन, मनोज कुमार सिंह, राकेश कुमार सिंह, राजेश सिंह चंदेल, शशिंद्र चौहान, राकेश कुमार सगर, भगत सिंह बिर्दे, आरएस बेलवंशी, किरणलता केरकेट्टा और मनोज कुमार राय के नाम शामिल हैं। 2012 बैच के 18 आईपीएस अधिकारियों को सलेक्शन ग्रेड मिलेगा। सिलेक्शन ग्रेड उन्हें दिया जाता है, जिनकी 10 साल की सेवाएं पूरी होने के बाद भी पद खाली नहीं होने के कारण प्रमोशन नहीं मिल पाता है। ऐसी स्थिति में उन अधिकारियों को प्रमोशन वाले पद के लिए एक अतिरिक्त इन्क्रीमेंट दे दिया जाता है।


