नमस्कार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के नारे तो खूब लगाए जाते हैं। लेकिन विधानसभा में वैर विधायक ने ऐसी बात कर दी जो खरी तो नहीं कही जा सकती। डोटासरा जी के डुप्लीकेट की मुलाकात आखिर पीसीसी चीफ से हो ही गई। उदयपुर के सांसद महोदय ने वंदेभारत ट्रेन में सफर कर तारीफों के पुल बांधे राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. ‘हमारी सरकार ने बजट में छोरा पैदा किया…’ वैर से भाजपा के विधायक हैं बहादुर सिंह कोली। कोली साहब सदन में पूर्ववर्ती सरकार और वर्तमान सरकार के बजट की तुलना कर रहे थे। तुलना करने के दौरान ‘इधर-उधर’ निकल गए। ऐसी बात कह गए जो कहनी नहीं चाहिए। हालांकि अपनी-अपनी सोच है। कोली ने कहा- हमारी सरकार ने पहले ही बजट में छोरा पैदा किया। दूसरे बजट में छोरा पैदा किया। तीसरे बजट में छोरा पैदा किया। पिछली सरकार ने आखिरी बजट में छोरी पैदा की, इसलिए विपक्ष में बैठे हैं। कोली जी ने सदन में छोरे का ढिंढोरा पीटा तो साथी माननीय हंसने भी लगे। वैसे बात शर्म वाली थी। लेकिन सभापति जी तक ने आपत्ति नहीं की। जिन्होंने आपत्ति की, उन पर ध्यान नहीं दिया। गया। बेटियों को लेकर अगर माननीयों की सोच ऐसी होगी तो उनके हजारों-लाखों समर्थक क्या सीखेंगे? ‘छोरा’ में शान और ‘छोरी’ में अपमान तलाशने वाले नेताजी को बेटियां भी तो वोट देती होंगी। 2. ‘हो सका तो धर्मभाई को चुनाव भी लड़वाऊंगा..’ मूंछें हों तो नत्थूलालजी जैसी, वरना ना हों। यह फिल्मी डायलॉग पुराना हो गया। नया है- शक्ल हो तो डोटासराजी जैसी, वरना ना हो। डोटासरा जी जैसी शक्ल वाले नरेश सिंधी की चल निकली। पहले तो सोशल मीडिया पर छाए। फिर पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा से मुलाकात हो गई। सबसे बड़ी बात ये कि डोटासरा जी ने नरेश सिंधी को धर्मभाई कह दिया। एक राज्य के पार्टी संगठन का मुखिया किसी को धर्मभाई कह दे, फिर कैटरिंग के काम में क्यों दिमाग लगाना। लगे हाथ डोटासरा जी ने ऑफर दे दिया- चुनाव में प्रचार कराऊंगा और हो सका तो चुनाव भी लड़वाऊंगा। डोटासरा जी दिलदार इंसान निकले। नरेश सिंधी का हूबहू अपने जैसा गेटअप, हाव-भाव और चेहरा-मोहरा देख डोटासरा भी खुश हुए। अपने हाथ से मिठाई खिलाई। डोटासरा बोले- ये मेरा धर्मभाई है जो मुझे सोशल मीडिया से मिला है। अब जिंदगीभर भाईचारा निभाऊंगा और मेरे चुनाव में भी काम में लूंगा। ऐसा कहकर डोटासरा जी ने ठहाका लगाया। एक पत्रकार ने सवाल उठाया- क्या पंचायत चुनाव में हमशक्ल का इस्तेमाल होगा? डोटासरा बोले- चुनाव में तो सब काम करते हैं, धर्मभाई बनाया है तो क्यों नहीं करेगा, मेरे लिए जरूर काम करेगा। पत्रकारों ने गमछा याद दिलाया। डोटासरा के गले में गमछा नहीं था। हमशक्ल गमछा लपेटे हुए थे। गमछा घुमाने की डिमांड हो रही थी। डोटासरा जी ने यह कहकर टाला- अब बाद में तय करेंगे कि मिलकर क्या-क्या करना है। 3. वंदे भारत में सांसद महोदय का सफर उदयपुर से अहमदाबाद के असारवा तक वंदे भारत ट्रेन शुरू हुई। ट्रेन को सांसद महोदय ने हरी झंडी दिखाई। इसके बाद पहले सफर का आनंद लिया। साथ में धर्मपत्नी भी थीं। ट्रेन स्टाफ ने मन्नालाल जी को ब्रेकफास्ट किट भेंट किया। इसके बाद श्रीमती जी को वीडियो बनाने का आइडिया आया। मन्नालाल जी की पत्नी ने वीडियो बनाया और सांसद महोदय ने व्लोगिंग शुरू कर दी। बोले- आज वंदे भारत के रन का पहला दिन है। हमें यह बॉक्स मिला है। देखते हैं इसमें क्या है? इसमें ड्राई फ्रूट मिक्स हैं, बालूशाही है, फाइव स्टार चॉकलेट है, सॉस है, सैंड विच है, चिवड़ा है जो कि मुझे बहुत पसंद है, मेवाड़ की कचौरी है, एपल जूस है और खाना खाने के बाद माउथ फ्रैशनर का भी इंतजाम है। बाकी ट्रेनों और वंदे भारत में एक अंतर यह भी है कि देखिये यहां मेहमाननवाजी करने वाली टीम है। कैमरा टीम की तरफ घूमता है। ट्रेन स्टाफ और अधिकारी हाथ बांधे खड़े हैं। मन्नालाल जी बोले- ऐसा लगता है कि घर के आंगन में बैठे-बैठे ही सफर कर रहे हैं। 4. चलते-चलते.. छोटे भाई की शादी में ‘शक्ति-समारोह’ करने वाले विधायक विकास चौधरी सुर्खियों में हैं। भाई की शादी में गदर के गड्डी वाले गाने पर जोरदार डांस किया था। डांस की काफी चर्चा हुई थी। भाई की शादी में पहना सूट दोबारा पहनकर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली जी की बेटी की शादी में भी पहुंच गए। उन्हें देखते ही कई माननीयों को सनी पाजी वाले स्टैप याद आ गए। विधायक महोदय से उसी गाने पर डांस की डिमांड हो गई। विधायक जी ने भी माननीयों को निराश नहीं किया। एक बार फिर ‘एक मोड आया’ गीत बजा और महोदय ने महफिल सजा दी। इनपुट सहयोग- मुकेश हिंगड़ (उदयपुर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी..


