गंगरेल बांध प्रभावित जनकल्याण समिति ने अपनी मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन धरना- प्रदर्शन शुरू कर दिया है। उनका आरोप है कि राज्य सरकार, हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करने में विफल रही है, जिसके चलते डूब प्रभावित परिवारों को अभी तक न्याय नहीं मिला है। सोमवार को गांधी मैदान में धरने पर बैठे प्रभावित परिवारों ने कहा कि उच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद आदेशों की अनदेखी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। भूमि और स्थायी पुनर्वास की कमी के कारण कई परिवार असुरक्षित जीवन जीने को मजबूर हैं। इस स्थिति ने बच्चों की शिक्षा, आजीविका के साधनों और सामाजिक स्थिरता पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डाला है। समिति के कार्यकारी अध्यक्ष हरिशंकर मरकाम ने ऐलान किया है कि जब तक प्रभावितों की मांगें पूरी नहीं होतीं और उच्च न्यायालय के आदेशों का पूरी तरह पालन नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहेगा। धरने में रामनिहोरा निषाद, महाराजी राम ध्रुव, आत्माराम ध्रुव, कृपाराम सिन्हा, सहदेव साहू, पंडोराम मंडावी, रोहित नेताम, जयकुमार सेन, गोपाल राम सिन्हा, शंभूराम, पुष्कर सोरी और उत्तम सहारे समेत बड़ी संख्या में डूब प्रभावित लोगों ने उपस्थिति दर्ज कराई।


