इंटरनेशनल सोसायटी फॉर परशुराम कॉन्शसनेस की चेयरमैन डॉ. हर्षा त्रिवेदी गुरुवार को डूंगरपुर पहुंचीं। यहां भगवान परशुराम मंदिर निर्माण के कार्य को देखा। उन्होंने देश और दुनियाभर में भगवान परशुराम के मंदिर और स्थानों को चिह्नित करते हुए उन्हें विकसित करने की बात कही। विप्र फाउंडेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष नारायण पंड्या, जिला महामंत्री प्रशांत चौबीसा, महिला जिलाध्यक्ष रोशनी पंड्या, महामंत्री डॉ. रजनी शर्मा ने डॉ. हर्षा त्रिवेदी का स्वागत किया। डॉ. हर्षा ने शहर के नया महादेव मंदिर परिसर में निर्माणाधीन भगवान परशुराम की मंदिर निर्माण के कार्य को देखा और खुशी जताई। मंदिर में दर्शन किए और पुजारी मुकेश शर्मा ने तिलक लगाकर स्वागत किया। इसके बाद विप्र फाउंडेशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई। जिसमें सर्व ब्राह्मण समाज को एकजुट करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि देश ही नहीं दुनियाभर में भगवान परशुराम के कई मंदिर और प्रमुख स्थान हैं। उन धरोहरों और ऐतिहासिक स्थलों की फिर से पहचान करते हुए उन्हें विकसित और संरक्षित करने की जरूरत है। इसे लेकर दुनियाभर में काम हो रहा है। भगवान परशुराम केवल ब्राह्मणों के ही नहीं बल्कि सभी वर्गों के लिए आराध्य हैं। इसलिए भगवान परशुराम के इतिहास को जानना और समझना सभी के लिए जरूरी है। वे आज भी हम सब के बीच में हैं। भारत भूषण पंड्या ने विप्र फाउंडेशन की ओर से अब तक डूंगरपुर की गतिविधियों के बारे में भी जानकारी दी। डॉ हर्षा मूलत डूंगरपुर जिले की रहने वाली हैं। वे अभी दिल्ली में स्वामी विवेकानंद इंस्टिट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज में सहायक प्रोफेसर हैं। डॉ. हर्षा ने पिछले दिनों उज्बेकिस्तान में भगवान परशुराम को लेकर अपनी स्पीच दी थी। जिसे सभी ने सराहा था। इस मौके पर योगेश पंड्या, हेमेंद्र चौबीसा, मनीषा पंड्या, डॉ. प्रीति चौबीसा, पूर्वा चौबीसा, नयना श्रीमाली, बीना त्रिवेदी, ममता श्रीमाली, बाबूलाल व्यास, जयेश मकात, लक्ष्मीशंकर श्रीमाली, भरत जोशी सहित कई लोग मौजूद रहे।


