डूंगरपुर में मोड मेवाड़ा कलाल समाज के 11 जोड़े शनिवार को सामूहिक विवाह बंधन में बंध गए। दूल्हा और दुल्हन ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ 7 फेरे लिए और एक दूजे का साथ जिंदगीभर निभाने का संकल्प लिया। समाज के लोगों ने वर-वधू को आशीर्वाद दिया। 28वें सामूहिक विवाह समारोह को लेकर सुबह से दूल्हा और दुल्हन पक्ष के लोग समाज के तिजवड सामाजिक भूमि पर पहुंचने लगीं। लोगों में उत्साह का माहौल रहा। सजे धजे दूल्हा और दुल्हन के साथ बारातियों का समाजजनों ने स्वागत किया। दोनों पक्षों का तिलक लगाकर रस्मो रिवाज के साथ स्वागत हुआ। लोगों ने दी शुभकामनाएं
सामूहिक शादी के लिए बड़ा पांडाल के साथ ही सभी जोड़ों के लिए अलग-अलग 11 मंडप बनाए गए। आचार्य मिनेश जोशी के साथ ही पंडितों के मंत्रोच्चार के साथ ही सामूहिक विवाह की रस्में शुरू हुई। शेरवानी, साफा बांधे दूल्हे को आवभगत और परंपरा के साथ मंडप में लेकर पहुंचे। दुल्हन के मामा रीति रिवाज के साथ दुल्हन को लेकर मंडप में आए। दुल्हा और दुल्हन के हस्त मिलाप, सात फेरो की रस्मों के साथ ही शादी पूरी हुई। लोगों ने फूल बरसाए और दूल्हा-दुल्हन को शादी की शुभकामनाएं दी। वही परिवार के लोगों ने आशीर्वाद दिया। सामूहिक विवाह में डूंगरपुर, देवल, बिछीवाड़ा, देवल, कनबई, गेजी, माथुगामडा, वसी, खेड़ा, दहेगामडा, पालपट्टा समेत कला समाज कई गांवों से लोग शामिल हुए।


