डूंगरपुर जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत हजारों बुजुर्गों और दिव्यांगों को बड़ी राहत मिली है। अब प्रशासन उन पेंशनभोगियों का घर बैठे वार्षिक भौतिक सत्यापन करेगा जो तकनीकी बाधाओं, बढ़ती उम्र या शारीरिक अक्षमता के कारण ई-मित्र या सरकारी कार्यालयों तक नहीं पहुंच पा रहे थे। राज्य सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को शत-प्रतिशत लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। डूंगरपुर जिले में कुल 2 लाख 7 हजार 746 पेंशनभोगियों में से 1 लाख 73 हजार 367 लाभार्थियों ने अपना सत्यापन करवा लिया है। हालांकि, 34 हजार 379 बुजुर्ग और दिव्यांग पेंशनभोगी ऐसे हैं जो ई-मित्र, बीडीओ कार्यालय या एसडीएम कार्यालय जाकर सत्यापन कराने में शारीरिक रूप से सक्षम नहीं हैं। इनमें वृद्ध पेंशन, एकल नारी और विशेष योग्यजन श्रेणियों में 75 वर्ष से कम आयु के 26 हजार 645 लाभार्थी, 75 से 99 वर्ष के बीच के 7654 लाभार्थी और 99 वर्ष से अधिक आयु के 80 लाभार्थी शामिल हैं, जिनका सत्यापन लंबित है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, डूंगरपुर के उप निदेशक हेमंत सैनी ने बताया कि विभाग के निदेशक और संयुक्त शासन सचिव ने सभी जिला कलेक्टरों को इस विशेष अभियान के तहत डोर-टू-डोर सत्यापन के निर्देश दिए हैं। इस प्रक्रिया में विभाग के कर्मचारी लाभार्थियों के घर जाकर ‘फेस रिकॉग्निशन आरडी ऐप’ या फिंगरप्रिंट के माध्यम से सत्यापन करेंगे।
यदि फिंगरप्रिंट या फेस ऐप से सत्यापन सफल नहीं होता है, तो स्वीकृतकर्ता अधिकारी लाभार्थी के आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजकर सत्यापन प्रक्रिया पूरी करेंगे। प्रशासन को इस अभियान के माध्यम से सभी लंबित मामलों को शून्य करने का लक्ष्य दिया गया है।


