इंदौर में हुई डेढ़ करोड़ की चोरी के मामले में तेजाजी नगर पुलिस ने 400 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाल चुकी है। इसमें आरोपियों की कुछ लीड भी मिली है, जिस पर टीमें काम कर रही है। राजेंद्र नगर से लेकर पुलिस रेलवे स्टेशन तक इन कैमरों को खंगालते हुए पहुंच गए। पुलिस का मानना है कि बदमाशों ने बरगलाने की कोशिश की है। ये वारदात इंदौर के रियल एस्टेट कारोबारी अनीस मोहम्मद के यहां हुई। उनके यहां काम करने वाले नेपाली नौकर ने खाने में बेहोशी की दवा मिलाकर दोस्त के साथ मिलकर डेढ़ करोड़ की चोरी की वारदात को अंजाम दिया। कारोबारी के यहां से बदमाश जेवरात, नगदी, महंगी घड़ियां सहित अन्य माल लेकर थार गाड़ी से भाग गए थे। ये थार गाड़ी बाद में तीन इमली के पास पुलिस को मिल गई थी। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी की धरपकड़ के लिए टीमें बनाई है। राजेंद्र नगर से रेलवे स्टेशन तक 400 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज देखे तेजाजी नगर थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह मरकाम ने बताया कि घटना के बाद से 400 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज देखे हैं। ये फुटेज राजेंद्र नगर से लेकर मेन रेलवे स्टेशन तक के हैं। इसके बाद भी टीम लगातार सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है। इन सीसीटीवी फुटेजों में पुलिस को कुछ लीड मिली है। आरोपियों ने कोशिश की है कि पुलिस उनकी लोकेशन को ट्रेस न कर पाए। रेलवे स्टेशन से कैब की पुलिस की जांच में ये बात भी सामने आई है कि नौकर का दोस्त रेलवे स्टेशन से कैब करके कारोबारी के घर पहुंचा था। पुलिस को आशंका है कि आरोपी पहले से यहां था। संभावना है कि वह जानबूझकर रेलवे स्टेशन से कैब करके कारोबारी के घर आया था। ट्रांसपोर्ट से भी निकाली जानकारी तेजाजी नगर पुलिस ने बसों के साथ ही ट्रांसपोर्ट से भी जानकारी निकाली है। तीन इमली के पास कारोबारी की गाड़ी मिली। वहां से नेपाल की बस भी जाती है। पुलिस ने वहां की बसों और वहां के अन्य ट्रांसपोर्ट से भी जानकारी निकाली है, लेकिन उसमें भी कोई खास जानकारी हाथ नहीं लगी है। संभावना है कि पुलिस को बरगलाने के लिए उन्होंने ये कोशिश की है।


