डेयरियां शिफ्ट कराने के लिए निगम जिन प्लाटों की ई-ऑक्शन करा रहा वहां नरक जैसे हालात

भास्कर न्यूज | अमृतसर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की सख्ती के बाद निगम ने डेयरियों को शहर से बाहर शिफ्ट करने के लिए तैयारियां तेज कर दी है। मगर जिन प्लाटों की ई-ऑक्शन कराई जा रही वहां नरक जैसे हालात बने हुए हैं। प्लाटों का रेट भी 12,500 रुपए प्रति गज तय किया गया है। निगम के इस रवैये पर नाराजगी जाहिर करते हुए डेयरी मालिकों ने ई-ऑक्शन का बायकॉट कर दिया है। वहीं, डीसी ने मामले में सुनवाई के लिए डेयरी मालिकों को बुधवार का समय दिया है। बता दें कि निगम ने फताहपुर डेयरी कॉम्प्लेक्स में करीब 11.70 एकड़ पर 116 प्लाटों की ई-ऑक्शन ऑनलाइन अपलोड कर दी थी। 25 फरवरी को सुबह 9 बजे से 27 फरवरी को शाम 5 बजे तक ओपन रहेगा। जिन प्लाटों का ई-ऑक्शन कराया जा रहा उसमें 300 वर्गगज के 42 तो 600 वर्गगज के 74 प्लाट शामिल हैं। मगर फताहपुर में नरकीय हालात और ज्यादा रेट को देखते हुए डेयरी मालिक ई- ऑक्शन में हिस्सा लेने को तैयार नहीं हो रहे। भगतांवाला में स्थित डेयरी के मालिक गगनदीप सिंह ने कहा कि फताहपुर में जिस जगह की ई- ऑक्शन निगम करा रहा है, वहां कोई मूलभूत सुविधाएं नहीं है। किस हिसाब से 12,500 प्रति गज रेट तय किया गया यह समझ से परे है। प्रशासन-निगम अफसरों को चाहिए कि जाकर मौका देखें। वर्तमान में जो हालात है वहां क्यों कोई करोड़ों रुपए फंसाएगा। 2003 में 408 रुपए प्रति गज का रेट दिया गया था मगर 23 साल बाद भी कोई डवलपमेंट नहीं कराया जा सका है। डीसी ने बातचीत के लिए समय दिया है। भरोसा है कि डेयरी मालिकों के हित में फैसला लिया जाएगा। लेकिन इतने महंगे रेट पर कोई भी डेयरी मालिक ऑक्शन में हिस्सा लेने को तैयार नहीं है। डेयरी मालिकों का कहना है कि प्लाट का रेट 4 हजार रुपए प्रति गज तक किया जाए। निगम की ओर से ई- ऑक्शन की जो प्रक्रिया कराई जा रही उसके तहत शर्तों के मुताबिक, 300 वर्गगज के प्लाट के लिए डेयरी मालिकों को 37.50 लाख तो 600 वर्गगज के लिए 75 लाख रुपए खर्चने होंगे। बयाने के तौर पर 5 प्रतिशत जमा कराना होगा। ऑक्शन में सिर्फ डेयरी मालिक ही हिस्सा ले सकेंगे। 20 से कम पशु मालिकों को 300 वर्गगज जगह लेनी होगी, जबकि इससे ज्यादा पशु हैं तो 600 वर्गगज का प्लाट लेना होगा। एक डेयरी मालिक एक प्लाट के लिए बोली लगा सकेगा। वहीं डेयरी मालिकों का कहना है कि रेट कम नहीं किया तो बोली नहीं लगाएंगे। अंदरखाते कई अफसर भी फताहपुर डेयरी कॉ.प्लेक्स की दुर्दशा को देखते हुए रेट को लेकर चर्चा कर रहे हैं मगर उच्च अफसरों के डर से सामने आकर बोलने को तैयार नहीं हैं।

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