बेंगलुरु के एसएम कृष्णा स्टेडियम में खेले गए डेविस कप मुकाबले में भारत ने नीदरलैंड को 3-2 से हराकर इतिहास रच दिया। इस जीत के सबसे बड़े हीरो 26 साल के दक्षिणेस्वर सुरेश रहे। दक्षिणेस्वर ने दो दिनों के भीतर तीन बेहद कड़े मुकाबले जीतकर भारत को डेविस कप वर्ल्ड ग्रुप के करीब पहुंचा दिया है। रविवार को निर्णायक मैच में उन्होंने नीदरलैंड के गाइ डेन ऑडेन को 6-4, 7-6 से मात देकर स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों को जश्न मनाने का मौका दिया। India made history today with their 3-2 win over the Netherlands! Their support was huge!They advance to the Qualifiers second round where they’ll be facing Korea, Rep. #DavisCup pic.twitter.com/lcgx4lELT4— Davis Cup (@DavisCup) February 8, 2026
24 घंटे में तीन जीत: डबल्स और सिंगल्स दोनों में दिखाया दम
रविवार को शुरुआत में भारत और नीदरलैंड 1-1 की बराबरी पर थे। कप्तान रोहित राजपाल ने एक साहसिक फैसला लेते हुए डबल्स में श्रीराम बालाजी की जगह दक्षिणेस्वर को युकी भांबरी के साथ उतारा। इस जोड़ी ने डेविड पेल और सैंडर एरेंड्स को 7-6, 3-6, 7-6 से हराकर भारत को 2-1 की बढ़त दिलाई। इसके बाद सुमित नागल अपना मैच हार गए और मुकाबला 2-2 की बराबरी पर आ गया। दबाव के क्षणों में दक्षिणेस्वर फिर कोर्ट पर उतरे और निर्णायक मैच जीतकर भारत की जीत पक्की कर दी। 6 फीट 5 इंच के दक्षिणेस्वर ने डच खिलाड़ियों को छकाया
मदुरै के रहने वाले दक्षिणेस्वर सुरेश की सबसे बड़ी ताकत उनकी 6 फीट 5 इंच की लंबाई और उनकी तूफानी सर्विस है। शनिवार को उन्होंने वर्ल्ड नंबर 88 जेस्पर डी जोंग को हराकर सबको चौंका दिया था। बेंगलुरु की अधिक ऊंचाई के कारण गेंद हवा में तेज ट्रेवल करती है, जिसका दक्षिणेस्वर ने बखूबी फायदा उठाया। उनकी सर्विस और आक्रामक फोरहैंड का डच खिलाड़ियों के पास कोई जवाब नहीं था। जीत के बाद उन्होंने कहा,’भीड़ ने मुझे बार-बार कोर्ट पर उतरने का आत्मविश्वास दिया। भारत के लिए तीन मैच जीतना किसी सपने जैसा है।’ सुमित नागल चोट से जूझ रहे, दक्षिणेस्वर ने संभाली जिम्मेदारी
भारत के टॉप खिलाड़ी सुमित नागल पिछले तीन हफ्तों से रिहैब में थे और पूरी तरह फिट नजर नहीं आए। वे अपने दोनों सिंगल्स मैच हार गए, जिससे भारत पर हार का खतरा मंडरा रहा था। ऐसी स्थिति में वर्ल्ड रैंकिंग में 465वें नंबर पर मौजूद दक्षिणेस्वर सुरेश ने जिम्मेदारी उठानी शुरू की। उन्होंने न केवल सर्विस से अंक बटोरे, बल्कि नेट पर आकर वॉली और दमदार ग्राउंडस्ट्रोक से विपक्षी खिलाड़ी को संभलने का मौका नहीं दिया। कौन हैं दक्षिणेस्वर सुरेश, जो अचानक सुर्खियों में आए?
दक्षिणेस्वर लंबे समय से टेनिस सर्किट में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे थे। पिछले साल अगस्त में उन्होंने विंस्टन-सलेम ATP 250 टूर्नामेंट के मुख्य ड्रा में जगह बनाकर हलचल मचाई थी, जहां उन्होंने पूर्व टॉप-20 खिलाड़ी अलेजांद्रो ताबिलो को हराया था। बेंगलुरु में उनकी जीत के दौरान दिग्गज टेनिस स्टार रोहन बोपन्ना भी स्टैंड्स में मौजूद थे और टीम का उत्साह बढ़ा रहे थे। ____________________ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… T20 वर्ल्डकप 2026 होस्ट टीम एक बार भी नहीं जीत सकी:श्रीलंका फाइनल खेलने वाला इकलौता देश; 8 टीमें सेमीफाइनल में भी नहीं पहुंचीं टी-20 वर्ल्ड कप 7 फरवरी से भारत और श्रीलंका में शुरू हो चुका है। टूर्नामेंट के शुरुआती 2 दिन बड़े उलटफेर तो नहीं हुए, लेकिन नीदरलैंड, नेपाल और अमेरिका जैसी एसोसिएट टीमों ने अपने प्रदर्शन से सभी को चौंका दिया। अमेरिका ने तो होस्ट नेशन भारत की धड़कनें बढ़ा दी थीं। पूरी खबर


